लाइव न्यूज़ :

मालेगांव ब्लास्ट: कर्नल पुरोहित की UAPA हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- आरोप तय करते समय होगा विचार

By भारती द्विवेदी | Updated: April 20, 2018 13:22 IST

कर्नल पुरोहित को जब गिरफ्तार किया गया था तब वे सेना की मिलिटरी इंटेलिजेंस के लिए काम कर रहे थे।

Open in App

नई दिल्ली, 20 अप्रैल:  सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित को यूएपीए के केस हटाने से इनकार कर दिया है। पुरोहित की याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए कहा है कि इस पर आरोप तय करते समय विचार किया जाएगा। कर्नल पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) के तहत उनके खिलाफ चल रहे  केस को चैलेंज किया था। 

बता दें कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में बम धमाका हुआ था,  जिसमें 6 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 20 नवंबर 2008 को मकोका लगा दिया गया और एटीएस ने 21 जनवरी 2009 को इस मामले में पहला आरोप पत्र दायर किया। महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी जांच में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में जांच एनआईए को सौंपी गई। एटीएस के मुताबिक कर्नल के संगठन 'अभिनव भारत' ने धमाकों की साजिश रची थी। 

मई 2016 में अपनी चार्जशीट में एनआईए ने कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को धमाकों की साजिश के प्रमुख आरोपियों में से एक बताया। 25 अप्रैल 2017 को बांबे हाईकोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को जमानत दे दी, 23 अगस्त 2017 को कर्नल पुरोहित 9 साल बाद जेल से बाहर आए। 27 दिसंबर 2017 को कोर्ट ने श्रीकांत पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ मकोका हटा दिया। उनपर आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा।

टॅग्स :मालेगांव धमाकासुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारतकानून की भावना का भी ध्यान रखना जरूरी

भारत अधिक खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर