लाइव न्यूज़ :

बाढ़ प्रबंधन को लेकर सीएम योगी ने की बैठक, सभी तैयारियां 15 जून तक पूरी कर लेने के निर्देश दिए

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: May 31, 2023 15:06 IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ लखनऊ में एक बैठक की और बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां 15 जून तक पूरी कर लेने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि हमें बाढ़ के साथ-साथ जलभराव के लिए भी ठोस प्रयास करना होगा। प्रत्येक दशा में 30 जून तक नालों आदि की सफाई का कार्य पूर्ण करा ली जाए।

Open in App
ठळक मुद्देयूपी में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सीएम योगी ने की बैठकबाढ़ प्रबंधन की तैयारियां 15 जून तक पूरी कर लेने के निर्देश दिए30 जून तक नालों आदि की सफाई का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए

लखनऊ: जुलाई और अगस्त के महीने में अक्सर नदियां उफान पर होती हैं और उत्तर प्रदेश को इस समय बाढ़ का सामना करना पड़ता है। इसे समयपूर्व ही संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ लखनऊ में एक बैठक की और बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां 15 जून तक पूरी कर लेने के निर्देश दिए।

बाढ़ की दृष्टि से अतिसंवेदनशील/संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम योगी के साथ हुई इस मीटिंग में हिस्सा लिया और अपने जिलों की समस्या से योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया।

बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार हमने आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग कर बाढ़ से खतरे को न्यूनतम करने में सफलता पाई है। बाढ़ से जन-जीवन की सुरक्षा के लिए अंतरविभागीय समन्वय से अच्छा कार्य हुआ है। इस वर्ष भी बेहतर समन्वय, क्विक एक्शन और बेहतर प्रबन्धन से बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।  जन-धन की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए 2017-18 से अब तक 982 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की गईं। इसमें 282 परियोजनाएं अकेले वर्ष 2022-23 में पूरी की गई हैं। वर्तमान में 265 नई परियोजनाएं, 07 ड्रेजिंग संबंधी परियोजना और पूर्व से संचालित 140 परियोजनाओं सहित कुल 412 परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। यह सुखद है कि इनका 50% कार्य पूरा हो गया है। अवशेष कार्य नियत समय के भीतर पूरा करा लिया जाए।"

सीएम योगी ने कहा कि हमें बाढ़ के साथ-साथ जलभराव के लिए भी ठोस प्रयास करना होगा। जिलाधिकारीगण स्वयं रुचि लेकर जलभराव से बचाव के लिए व्यवस्था की देखरेख करें। प्रत्येक दशा में 30 जून तक नालों आदि की सफाई का कार्य पूर्ण करा ली जाए। जिलाधिकारीगण, क्षेत्रीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगरीय निकाय के चेयरमैन/अध्यक्ष की उपस्थिति में बाढ़ पूर्व हो रही तैयारियों की समीक्षा करें। यह कार्य जून के पहले सप्ताह में कर लिया जाए।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ की दृष्टि से 24 जनपदों को अतिसंवेदनशील की सूची में रखा गया है वहीं 17 जिले संवेदनशील की सूची में आते हैं। अतिसंवेदनशील की सूची में महाराजगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, बिजनौर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, गोण्डा, बलिया, देवरिया, सीतापुर, बलरामपुर, अयोध्या, मऊ, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, बदायूं, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, संतकबीर नगर, पीलीभीत और बाराबंकी शामिल हैं।

संवेदनशील की सूची में सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, बरेली, हमीरपुर, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर, प्रयागराज, बुलन्दशहर, मुरादाबाद, हरदोई, वाराणसी, उन्नाव, लखनऊ, शाहजहांपुर और कासगंज शामिल हैं।

टॅग्स :योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेशलखनऊप्रयागराजवाराणसी
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत