लाइव न्यूज़ :

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सीमांत और किसानों के साथ ही कृषि मजदूरों का साहूकारी कर्ज होगा माफ

By शिवअनुराग पटैरया | Updated: January 12, 2021 19:26 IST

भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों को 15 अगस्त 2020 तक उन्हें दिए गए कतिपय ऋणों, जिनमें ब्याज की राशि शामिल है, के उन्मोचन द्वारा राहत देने के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक,2020 प्रस्तावित किया गया है।

Open in App
ठळक मुद्देमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट में इस मामले पर फैसला लिया गया।कृषि मजदूरों के द्वारा गैर लायसेंस प्राप्त साहूकारों से लिए गए कर्जों और ब्याज को माफ करने की बात कही गई।

भोपाल। 12 जनवरी: मध्यप्रदेश में छोटे किसानों और भूमि हीन कृषि मजदूरों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमांत, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिकों) को ऋण विमुक्त विधेयक लाएगी। इससे 15 अगस्त 2020 तक सीमांत छोटे किसानों और भूमि हीन कृषि मजदूरों के द्वारा गैर लायसेंस प्राप्त साहूकारों से लिए गए कर्जों और ब्याज को गैर कानूनी घोषित माफ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट से यह फैसला लिया गया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमांत व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 304(बी) के अनुसरण में विधेयक को विधान सभा में पुन: स्थापित करने के पहले राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त एवं विधान सभा से पारित कराने की सभी कार्यवाही के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया । 

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि पूर्व में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम 2020 के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋण ग्रस्तता से राहत के लिए उपबंध किए गए हैं। मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 में भी समान प्रकार के उपबंध है जो विधेयक में प्रस्तावित किए गए है।

कैबिनेट की माना गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों (राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छोड़कर) को, नियमों व प्रक्रिया के विरूद्व तथा अत्यन्त ऊंची ब्याज दरों पर दिए गए ऋण की समस्या का निरंतर सामना करना पड़ रहा है। इसका परिणाम ऐसे व्यतियों की वित्तीय हानि, मानसिक प्रताड़ना तथा शोषण के रूप में निकलता है।

टॅग्स :शिवराज सिंह चौहानशिवराज सरकारमध्य प्रदेश
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

कारोबार1 अप्रैल को झटका, मध्य प्रदेश में दूध महंगा, 2-4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा?

कारोबारविश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू, सीएम मोहन यादव बोले- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप