Central government wants to break my mental strength: Chidambaram | केंद्र सरकार पर चिदंबरम का हमला- मेरी मानसिक ताकत तोड़ना चाहती है मोदी सरकार
केंद्र सरकार पर चिदंबरम का हमला- मेरी मानसिक ताकत तोड़ना चाहती है मोदी सरकार

Highlightsआईएनएक्स मीडिया मामले में जेल में डालकर उनकी मानसिक ताकत तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था सबसे खराब दौर में जा रही है।

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह उन्हें आईएनएक्स मीडिया मामले में जेल में डालकर उनकी मानसिक ताकत तोड़ने का प्रयास कर रही है। दिल्ली के तिहाड़ जेल में 106 दिन गुजार चुके पूर्व मंत्री ने यद्यपि स्पष्ट तौर पर अपने खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय या सीबीआई द्वारा दायर मामले का उल्लेख नहीं किया।

उन्होंने दिल्ली से यहां पहुंचने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं मामले के बारे में बात नहीं करूंगा। मुझे क्यों जेल में रखा गया? उन्होंने मेरी मानसिक ताकत तोड़ने का प्रयास किया और यह कभी नहीं होगा। यदि किसी ने यह सोचा है कि मैं टूट जाऊंगा, मैं कभी नहीं टूटूंगा क्योंकि कांग्रेस पार्टी और भारतीयों की स्वतंत्रता की चाहत मेरे पीछे है..यह एक निरंतर चलने वाला संघर्ष है।’’ चिदंबरम ने साथ ही सरकार पर उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि वे करीब 10 दिनों के लिए सफल हुए थे। उन्होंने कहा कि अदालत के हस्तक्षेप और चिकित्सकों की जांच के बाद ‘‘आज (मेरे) स्वास्थ्य में लगभग पूरी तरह से सुधार हो गया है।’’ उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था सबसे खराब दौर में जा रही है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह लगातार ‘‘बोलेंगे और लिखेंगे।’’

चिदंबरम ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा कि संप्रग सरकार के दौरान जब उन्होंने वित्त मंत्री का प्रभार संभाला था तब 3100 करोड़ रुपये निर्भया कोष के लिए आवंटित किये गये थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने इस कोष का इस्तेमाल नहीं किया है जो कि खेदजनक है। उन्होंने कहा, ‘‘निर्भया कोष का इस्तेमाल होना चाहिए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।’’ चिदंबरम ने आरोप लगाया कि पूरा देश महिलाओं के लिए हत्या स्थल बन गया है और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश उसमें से एक बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की जिम्मेदारी केवल सरकार और महिलाओं पर नहीं बल्कि पुरुषों पर भी है।

‘‘प्रत्येक पुरुष को महिलाओं की रक्षा करनी चाहिए।’’ केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस आरोप पर कि उन्होंने अपनी जमानत की शर्त का उल्लंघन किया है, उन्होंने कहा, ‘‘प्रकाश जावड़ेकर को अदालत (उच्चतम न्यायालय) के फैसले के बारे में नहीं पता और उन्हें यह भी नहीं पता कि मैंने क्या बोला है।’’ चिदंबरम चार दिसम्बर को जेल से बाहर आये थे, जब उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें जमानत प्रदान की थी।

Web Title: Central government wants to break my mental strength: Chidambaram
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