वानखेड़े फैमिली के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, नवाब मलिक को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, मुंबई पहुंचे परमबीर सिंह

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: November 25, 2021 03:08 PM2021-11-25T15:08:48+5:302021-11-25T16:17:57+5:30

बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने तल्ख अंदाज में कहा कि इस तरह की बयानबाजी कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक को शोभा नहीं देती। 

Bombay High Court Nawab Malik samir Wankhede family comment against reaches Mumbai Parambir Singh | वानखेड़े फैमिली के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, नवाब मलिक को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, मुंबई पहुंचे परमबीर सिंह

 इस मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

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Highlightsवानखेड़े परिवार के खिलाफ बयानबाजी नहीं की जाएगी। समीर वानखेड़े के पिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से अपील की थी।मामले में कोर्ट की तरफ से नवाब मलिक को यह आदेश दिया गया है।

मुंबईः महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा हैं। NCB अधिकारी समीर वानखेड़े के पिता की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंत्री नवाब मलिक और उनके परिवार को निर्देश दिया है कि अब वे वानखेड़े फैमिली के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि सीधे तौर पर या फिर इशारों में भी वानखेड़े परिवार के खिलाफ बयानबाजी नहीं की जाएगी। समीर वानखेड़े के पिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से अपील की थी कि नवाब मलिक द्वारा उन पर और उनके परिवार के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर रोक लगाई जाए।

इसी मामले में कोर्ट की तरफ से नवाब मलिक को यह आदेश दिया गया है। कोर्ट ने नवाब मलिक से केस की अगली सुनवाई तक समीर वानखेड़े और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी तरह की बयानबाजी नहीं करने को कहा हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने तल्ख अंदाज में कहा कि इस तरह की बयानबाजी मंत्री को शोभा नहीं देती। सुनवाई के दौरान जस्टिस जाधव ने कहा कि नवाब मलिक VIP हैं इसलिए उन्हें इतने आसानी से सभी डॉक्यूमेंट मिल जाते हैं।

 इसी बात को आगे बढ़ाते हुए जस्टिस कथावाला ने कहा कि वे एक मंत्री हैं और उन्हें ये सब क्या शोभा देता है? सुनवाई के दौरान जस्टिस कथावाला ने कहा कि नवाब मलिक लगातार सोशल मीडिया के जरिए वानखेड़े परिवार पर आरोप लगा रहे हैं, *‘क्या नवाब मलिक को सिर्फ मीडिया ट्रायल चाहिए?’

कोर्ट ने पूछा, ‘क्या मलिक ने कभी कास्ट स्क्रूटिनी कमिटी में शिकायत दर्ज कराई?’ जस्टिस कथावाला ने कहा कि ‘मलिक ने ऐसा एक बार भी नहीं किया.’ इसी के आगे उन्होंने कहा कि ‘नवाब मलिक, वानखेड़ के खिलाफ सिर्फ मीडिया ट्रायल चाहते हैं।’

वहीं अदालत के आदेश से पहले नवाब मलिक ने एक बार फिर समीर वानखेड़े से जुड़ा खुलासा किया। मलिक ने समीर वानखेड़े की दिवंगत माता का अंतिम संस्कार के वक्त का दस्तावेज और सरकारी दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि एक में उनका धर्म हिंदी तो दूसरे में मुस्लिम लिखा हुआ हैं।

परमबीर सिंह के सामने आने पर नवाब मलिक ने उन्हें निशाने पर लिया

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बृहस्पतिवार को परमबीर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद आखिरकार सामने आ गए । वसूली के आरोपों में घिरे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह कई महीने तक गायब रहने के बाद बृहस्पतिवार को मुंबई पहुंचे।

मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सिंह का आज मुंबई में सामने आना दिखाता है कि उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाना जरूरी था...मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से तबादले के बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आए। सिंह गिरफ्तारी से संरक्षण हासिल करने के लिए उच्चतम न्यायालय गए। शीर्ष अदालत में उनकी इस दलील पर कोई विश्वास नहीं करेगा कि उनकी जान को खतरा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह ने राकांपा के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ गलत आरोप लगाए, जो ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ थे।

मलिक ने कहा कि देशमुख अदालत में अपनी लड़ाई लड़ेंगे और खुद को निर्दोष साबित करेंगे। महाराष्ट्र में जबरन वसूली के कई मामलों का सामना कर रहे सिंह ने समाचार चैनलों को बुधवार को बताया था कि वह चंडीगढ़ में हैं। मजिस्ट्रेट अदालत ने वसूली के एक मामले में पिछले सप्ताह सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया था। सिंह अभी होम गार्ड्स के महानिदेशक हैं, लेकिन मई के बाद से छुट्टियों पर हैं और कार्यालय नहीं गए हैं। पुलिस ने अक्टूबर में बंबई उच्च न्यायालय को बताया था कि सिंह का कोई अता-पता नहीं है।

सिंह ने तबादले के बाद महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे देशमुख ने खारिज किया था। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने और उद्योगपति मनसुख हिरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद दर्ज मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद, सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटाया गया था। 

Web Title: Bombay High Court Nawab Malik samir Wankhede family comment against reaches Mumbai Parambir Singh

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