प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के सियासी संग्राम पर आज फिर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का सबसे बड़ा ताकतवर हथियार ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स है. भाजपा तो पारस पत्थर है, जिसे छूते ही भ्रष्ट भी ईमानदार हो जाता है.
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संग्राम पर आज फिर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बयान दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अजीत पवार का एनसीपी छोड़ भाजपा का पल्ला पकड़ने का कारण समझे? केन्द्र सरकार के सबसे ताकतवर हथियार ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और भाजपा पारस पत्थर है उसके छूने से भ्रष्ट भी ईमानदार हो जाता है.
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने दूसरे ट्वीट में कहा कि एनसीपी के 54 में से 53 शरद पवार जी के साथ रहेंगे. अजीत पवार अकेले रह जाएंगे. शरद पवार के उत्तराधिकारी की समस्या भी हल हो गई. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फडनवीस को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करने को कहा है, लेकिन इस अवधि को कम कराने के लिए विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उसे भरोसा है कि कनार्टक की तरह यहां भी सफलता मिल सकती है जब सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा को 30 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने का निर्देश दिया और वह नाकाम रहे थे.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के नये दांव चलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार बना ली है लेकिन बहुमत के आंकड़े को लेकर हर कोई सशंकित है. देवेंद्र फडनवीस और अजीत पवार ने अभी तक यह नही बता पाये हैं कि उन्हें (एनसीपी) के कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त है. वहीं इस शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आज ही फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उनके मुताबिक उनके पास बहुमत है और वो सरकार बना सकते हैं.