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BJP से गठबंधन कर हनुमान ने काट दिया केंद्रीय मंत्री का टिकट, नागौर सीट पर कांग्रेस से होगा दिलचस्प मुकाबला 

By रामदीप मिश्रा | Updated: April 4, 2019 12:50 IST

बीजेपी से आरएलपी का गठबंधन के बाद पार्टी ने नागौर लोकसभा सीट छोड़ दी बाकि सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। नागौर सीट से बेनीवाल मैदान में उतरेंगे। वहीं, सीआर चौधरी को इस बार उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें यहां से जरूर मैदान में उतारेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) से गुरुवार (4 अप्रैल) को गठबंधन कर लिया और आरएलपी के संयोजक व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल को नागौर लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है, जिसके चलते यहां से मौजूदा सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री सीआर चौधरी का टिकट कट गया। 

सीआर चौधरी का हो रहा था विरोध

दरअसल, बीजेपी से आरएलपी का गठबंधन के बाद पार्टी ने नागौर लोकसभा सीट छोड़ दी बाकि सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। नागौर सीट से बेनीवाल मैदान में उतरेंगे। वहीं, सीआर चौधरी को इस बार उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें यहां से जरूर मैदान में उतारेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। उनकी दावेदारी का लंबे समय से स्थानीय स्तर पर विरोध किया जा रहा था, जिसके चलते पार्टी नागौर सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पा रही थी। ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल आमने-सामनेइधर, कांग्रेस पहले ही नागौर सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और अब बीजेपी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के सामने हनुमान बेनीवाल मैदान में उतरकर चुनौती देंगे। बता दें, ज्योति मिर्धा को पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मौजूदा सांसद सीआर चौधरी ने 75 हजार से अधिक वोटों के अंतराल से हराया था। चौधरी को 4 लाख, 14 हजार, 791 वोट मिले थे। वहीं, मिर्धा को 3 लाख, 39 हजार, 573 वोट मिले थे।

नागौर सीट पर मुकाबला कड़ा

ज्योति मिर्धा नागौर लोकसभा सीट से साल 2009 के लोकसभा चुनाव में जीती थीं। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बिंदू चौधरी को एक लाख, 55 हजार से अधिक वोटों के अतंराल से हराया था। इस बार उनके सामने जाट नेता व किसान नेता कहे जाने वाले हनुमान बेनीवाल हैं। बता दें, हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 29 अक्टूबर को एक बड़ी रैली कर नया दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने जयपुर के युवाओं को अपनी ताकत दिखाई थी। इस दौरान उनके साथ बीजेपी छोड़कर भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले राजस्थान के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी भी रैली में शामिल हुए थे। 

जाट व किसान नेता के रूप में छवि 

विधायक हनुमान बेनीवाल को राजस्थान की राजनीति में एक किसान और जाट नेता के रूप में देखा जाता है। बेनीवाल विधानसभा सत्र के दौरान अक्सर किसान और मजदूरों की बात करते नजर आए हैं। शेखावटी व नागौर क्षेत्र में बेनीवाल जमीन पर अच्छी पकड़ रखते हैं। किसानों के लिए वह सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करते रहे हैं। इस दौरान अधिकतर उनके आंदोलनों में भारी भीड़ देखी गई।

टॅग्स :लोकसभा चुनावभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसराजस्थान
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