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‘अनुशासनहीनता’ पर भाजपा नेता लाखी राम पार्टी से निलंबित

By भाषा | Updated: November 13, 2020 19:30 IST

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देहरादून, 13 नवंबर उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखी राम जोशी को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने पर शुक्रवार को भाजपा ने निलंबित कर दिया। वहीं जोशी ने दावा किया कि उनके द्वारा पत्र में उठाए गए आरोप गंभीर हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन ने यहां बताया कि पत्र के संबंध में जोशी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है और उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है ।

उन्होंने बताया कि जोशी को इस संबंध में एक नोटिस देकर सात दिन के अंदर उनका जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जवाब न मिलने अथवा उनका उत्तर संतोषजनक न पाए जाने पर उन्हें पार्टी से निकाला भी जा सकता है।

इस संबंध में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है और किसी भी कार्यकर्ता को अनुशासनहीनता के मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो।

भगत ने कहा कि यदि किसी के मन में कोई विषय है तो वह सीधा उनसे कह सकता है और वह उसे उचित स्तर पर ले जाएंगे लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती ।

संपर्क किए जाने पर जोशी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रावत पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की सीबीआई जांच के उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराया है जिससे भाजपा की प्रदेश में गिरती साख को बचाया जा सके। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर हैं और हमारी कोशिश है कि सही दिशा में कार्रवाई हो।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश इकाई को अपनी 'पॉकेट पार्टी' बना रखा है और आवाज उठाने पर रावत के इशारे पर ही उन्हें निलंबित कर दिया गया है ।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में जोशी ने 2016 में की गयी नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा, “आज उत्तराखंड की जनता इस बात से हतप्रभ है कि उनका मुख्यमंत्री नोटबंदी के दौरान झारखंड का प्रभारी होने के नाते वहां से अपने करीबियों के बैंक खातों में काला धन जमा करवा रहा था।”

जोशी ने पत्र में कहा कि उच्च न्यायालय के भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में सीबीआई जांच के आदेश के कारण उत्तराखंड में पार्टी की छवि प्रतिदिन धूमिल होती जा रही है।

पार्टी नेतृत्व द्वारा इस मामले का संज्ञान लेने को अत्यावश्यक बताते हुए जोशी ने मुख्यमंत्री रावत को तत्काल पदमुक्त करने का आग्रह किया है जिससे इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके ।

दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि जोशी को सजा तो सुना दी गयी लेकिन उनके द्वारा उठाए गए गंभीर प्रश्नों का जवाब कौन देगा । उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को स्वयं जोशी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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