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भाजपा, गांधी-नेहरू परिवार से भयभीत है, राहुल गांधी से भी खौफ खाती है: बघेल

By भाषा | Updated: February 28, 2021 18:22 IST

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(त्रिदीप लाहकर)

गुवाहाटी, 28 फरवरी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मानना है कि भाजपा भारतीय राजनीति में व्यापक मौजूदगी रखने वाले गांधी-नेहरू परिवार से ‘‘भयभीत’’ है। उन्होंने साथ ही कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ‘‘एकमात्र विकल्प’’ हैं।

बघेल ने कहा कि भगवा पार्टी गांधी से बहुत डरती है क्योंकि वह लगातार लोगों को प्रभावित करने वाले प्रासंगिक मुद्दे उठाते है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि भाजपा किसी से सबसे ज्यादा भयभीत है तो वह गांधी-नेहरू परिवार है। जब इंदिरा गांधी सत्ता में आई थीं, तब यही जनसंघ के लोग उन्हें ‘गूंगी गुड़िया’ कहते थे। इस वाक्य का इस्तेमाल कर वे उनका मजाक उड़ाते थे।’’

बघेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘लेकिन, इंदिरा गांधी ने अपने काम के जरिये साबित कर दिया कि वह एक लौह महिला थीं। जब उन्हें मौका मिला, उन्होंने पाकिस्तान का विभाजन कर बांग्लादेश बनाया। दुनिया ने ऐसा पहले नहीं देखा था जो उन्होंने किया था।’’

राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा सांसद (राहुल) देशभर में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ लड़ने वाले एकमात्र अखिल भारतीय नेता हैं।

बघेल ने सवाल किया, ‘‘राहुल गांधी से भाजपा इतना डरती क्यों है? जबकि वह सिर्फ एक सांसद हैं। क्योंकि, राहुल जमीन से जुड़े नेता हैं। वह आम लोगों की आवाज सुनते हैं और उनके मुद्दे उठाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि गांधी हर वर्ग -युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों और अनुसूचित जनजातियों के बारे में बोलते हैं।

बघेल ने कहा, ‘‘यही कारण है कि भाजपा उनसे डर गई है... क्योंकि वह सच बोलते हैं। राहुल लोगों के दिल में रहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी एकमात्र विकल्प हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद जून में चुनाव होगा।

जब उनसे पूछा गया कि राहुल के नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेस नेता में इस तरह के विश्वास का क्या कारण है तो मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यही कारण है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनके पास यह स्वीकार करने का नैतिक साहस था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने पूरे देश में कड़ी मेहनत की। बालाकोट ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के कारण भाजपा को भावनात्मक आधार पर वोट मिले। लेकिन, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे अभी भी मान्य हैं ... वह राष्ट्रीय स्तर पर एकमात्र नेता हैं।"

वर्ष 2019 के आम चुनावों के बारे में बघेल ने कहा कि पुलवामा की घटना होने से पहले भाजपा नेता पार्टी छोड़ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने नोटबंदी या जीएसटी के लिए वोट नहीं मांगे।

इसके बजाय, उन्होंने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद हमारी सेना की वीरता को रेखांकित करते हुए वोट मांगे।’’

बघेल ने कहा, ‘‘और, वे अभी भी यह नहीं बता पाए हैं कि 300 किलोग्राम आरडीएक्स उस स्थान पर कैसे पहुंचा जिसके कारण हमारे 40 जवान शहीद हो गये। इसकी कोई जांच नहीं हुई है। यह एक बड़ा सवाल है।’’

पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाद्रा को आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर अधिक जिम्मेदारी दी जाएगी या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी आलाकमान करेगा, लेकिन सभी ‘‘इसका स्वागत करेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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