15 दिन में खाली कीजिए?, बिहार में सम्राट सरकार ने राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने को कहा?
By एस पी सिन्हा | Updated: May 4, 2026 16:02 IST2026-05-04T16:01:17+5:302026-05-04T16:02:20+5:30
बंगला पिछले करीब 20 वर्षों से लालू परिवार के कब्जे में है और 2006 से यह उनका मुख्य निवास बना हुआ है। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

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पटनाः बिहार में सम्राट सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का नया अल्टीमेटम दिया है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास खाली नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकती है। यह बंगला पिछले करीब 20 वर्षों से लालू परिवार के कब्जे में है और 2006 से यह उनका मुख्य निवास बना हुआ है। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।
हालांकि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सरकार ने राबड़ी देवी को वैकल्पिक रूप से 39, हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है। इससे पहले 25 नवंबर 2025 को भी आवास खाली करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन उस समय इसे अमल में नहीं लाया गया।
बाद में दिसंबर 2025 के अंत में सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन सरकार ने इस मामले में दोबारा सख्त रुख अपनाया है। मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। सरकार के इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अगर तय समय में आवास खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा सकती है। 10 सर्कुलर रोड स्थित इस आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। इस बीच राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि फिलहाल नोटिस मिलने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के मुताबिक जो भी प्रक्रिया होगी, उसका पालन किया जाएगा। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राबड़ी देवी को इस सरकारी आवास से कोई व्यक्तिगत लगाव नहीं है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जिनके हाथ में है, वे जो चाहें कर सकते हैं। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए 7 सर्कुलर रोड के आवंटन पर सवाल खडा करते उन्होंने कहा कि आखिर किस आधार पर सात नंबर आवास दिया गया, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।