बिहार में 33.25 लाख कार्डधारी होंगे बाहर, अपात्र और फर्जी लाभार्थी ले रहे मुफ्त राशन?, केंद्र सरकार ने 57,01,731 राशनकार्डधारी परिवारों का नाम संदिग्धों की सूची?
By एस पी सिन्हा | Updated: April 30, 2026 15:05 IST2026-04-30T15:03:47+5:302026-04-30T15:05:13+5:30
12 लाख से अधिक नाम पहले ही कट चुके हैं और 18 लाख से अधिक नाम (कुल 33 लाख+) सूची में हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। इस बाबत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है।

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पटनाः बिहार में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त राशन का लाभ ले रहे अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए राशन कार्ड से 33 लाख से अधिक नाम काटे जा रहे हैं। ये 33.25 लाख कार्डधारी केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 57,01,731 संदिग्धों की सूची में शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 51 लाख मामलों की जांच पूरी कर ली गई है। संदिग्ध सूची में शामिल लाभुकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए जा रहे, उनके नाम हटाने की सूची में शामिल कर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
इसमें मृत व्यक्ति, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन मालिक, और आयकर दाता शामिल हैं। बताया जाता है कि 12 लाख से अधिक नाम पहले ही कट चुके हैं और 18 लाख से अधिक नाम (कुल 33 लाख+) सूची में हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। इस बाबत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है।
विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राशनकार्डधारी 57 लाख परिवारों का नाम संदिग्धों की सूची में डाला था। इन परिवारों के स्थानीय स्तर पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश विभाग ने जिलों और संबंधित पदाधिकारियों को दिया है। इन 57 लाख परिवारों में 55 लाख की जांच पूरी कर ली गई है।
विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि करीब 36 लाख परिवार जांच में अयोग्य पाए गए हैं, जिनमें 12 लाख के नाम काट दिये गये हैं। वहीं, शेष परिवार जांच में योग्य पाए गए हैं, जिनके मान सूची से नहीं हटाये जाएंगे। जांच में कोताही और लापरवाही बरतने वाले एसडीओ पर कार्रवाई भी विभाग कर सकता है, इसकी तैयारी की जा रही है।
केंद्र सरकार ने संदिग्धों की सूची में वैसे कार्डधारियों को शामिल किया था, जिनके पास चारपहिया वाहन है, बड़ी कंपनियों में निदेशक के पद पर है अथवा आयकर दाता हैं। साथ ही वैसे नाम भी इस सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके द्वारा महीनों से राशन का उठाव जन वितरण प्रणाली के तहत नहीं किया जा रहा है।
इन्हीं परिवारों के नाम जांच के बाद हटाए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के दो करोड़ दस लाख परिवार राशनकार्डधारी हैं। पटना में 67,417 मृतकों के नाम हटाए राज्य के अन्य जिलों की बात करें तो मुजफ्फरपुर में सर्वाधिक 66,918 और राजधानी पटना में 67,417 मृतकों के नाम काटे जाने की सूची तैयार हुई है। इसके अलावा गयाजी में 43,909, पूर्वी चंपारण में 41,421 और समस्तीपुर में 43,554 नामों को हटाया जाएगा। जबकि छोटे जिलों में शिवहर से 1,330 और अरवल से 1,588 नाम हटाए जाने हैं।