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बिहार नई शिक्षक नियमावलीः नीतीश सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में अभ्यर्थी, 13 और 14 मई को सभी मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे

By एस पी सिन्हा | Updated: May 5, 2023 17:53 IST

Bihar New Teacher Manual: संघ ने ऐलान किया कि 20 मई से लेकर 31 मई तक सभी जिलों में आंदोलन होगा। जुलाई के पहले सप्ताह में विधानसभा के समक्ष घेरा डालो, डेरा डालो अभियान की शुरुआत होगी।

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ठळक मुद्दे बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के 18 घटक संगठनों से जुड़े बिहार के तमाम जिलों के हजारों शिक्षक प्रतिनिधि शिक्षक महासम्मेलन में शामिल हुए।संघ ने कहा कि बिना किसी परीक्षा के राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए। 13 और 14 मई को सभी मंत्री के आवास का घेराव होगा।

पटनाः बिहार में नई शिक्षक नियमावली में बिना शर्त सभी शिक्षकों के समायोजन और शिक्षकों की हकमारी को बंद कराने के संकल्प के साथ पटना में बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा का सम्मेलन आयोजित हुआ। बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के 18 घटक संगठनों से जुड़े बिहार के तमाम जिलों के हजारों शिक्षक प्रतिनिधि शिक्षक महासम्मेलन में शामिल हुए।

इस दौरान शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने नीतीश सरकार को चेतावनी दी है कि वे 13 और 14 मई को राज्य के सभी मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे। संघ ने कहा कि उन्हें बिना किसी परीक्षा के राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए। अगर नीतीश सरकार ने ऐसा नहीं किया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इसके तहत 13 और 14 मई को सभी मंत्री के आवास का घेराव होगा।

कर्यक्रम की शुरुआत में ही सम्मेलन हॉल शिक्षकों ने जबर्दस्त नारों के साथ किया। इस दौरान पूरा हॉल शिक्षकों की बुलंद आवाज से गूंज पड़ा। एक विद्यालय -एक संवर्ग, नियमित शिक्षकों की भांति हो पूर्ण वेतनमान और सेवाशर्त, कार्यरत शिक्षकों को बिनाशर्त राज्यकर्मी का दर्जा दो, वादाखिलाफी नहीं चलेगी, सरकारी विद्यालयों को भेदभाव और हकमारी का अड्डा बनाना बंद करो से रह रहकर गूंजता रहा।

इस दौरान संघ ने ऐलान किया कि 20 मई से लेकर 31 मई तक सभी जिलों में आंदोलन होगा। उसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह में विधानसभा के समक्ष घेरा डालो, डेरा डालो अभियान की शुरुआत होगी। बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संरक्षक पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि पहले से ही शिक्षकों के कई संवर्ग झेल रहे सूबे के सरकारी विद्यालयों में बिहार अध्यापक नियमावली 2023 विभेदीकरण की प्रक्रिया को और बढ़ावा देगी। कई कोटि और कई संवर्ग के शिक्षक रहने से विद्यालयों का सहज संचालन प्रभावित होता है।

सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बहाली तभी संभव है, जबकि विद्यालयों में समतामूलक लोकतांत्रिक माहौल की गारंटी हो। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मसले पर सकारात्मक पहल लेते हुए बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्यवाही एवं सेवा शर्त) नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए कार्यरत शिक्षकों को बिनाशर्त राज्यकर्मी के पद पर समायोजित करनी चाहिए।

टॅग्स :बिहारपटनानीतीश कुमारतेजस्वी यादव
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