बिहार को मिलने जा रहा है और एक बड़ा एयरपोर्ट, रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डे के नवनिर्माण को लेकर टेंडर हुआ जारी
By एस पी सिन्हा | Updated: May 6, 2026 16:29 IST2026-05-06T16:29:37+5:302026-05-06T16:29:37+5:30
सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना के तहत रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी किया गया है।

बिहार को मिलने जा रहा है और एक बड़ा एयरपोर्ट, रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डे के नवनिर्माण को लेकर टेंडर हुआ जारी
पटना:बिहार को जल्द ही एक और बड़ा एयरपोर्ट मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम केन्द्र सरकार ने उठाया है। सरकार ने रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डे के नवनिर्माण को लेकर टेंडर जारी कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार के लिए एक बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। इस अवसर पर उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना के तहत रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी किया गया है।
यह पहल राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से चंपारण क्षेत्र में हवाई यात्रा अधिक सुगम होगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि “डबल इंजन सरकार” के संकल्प के साथ बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
यह परियोजना खास तौर पर नेपाल सीमा से सटे रक्सौल क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने से इकोनॉमी, टूरिज्म और व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकेगा। रक्सौल भारत-नेपाल बॉर्डर के नजदीक है। ऐसे में एयरपोर्ट के बनने से बॉर्डर इलाके के जिलों को फायदा होने के साथ-साथ नेपाल भी आना-जाना आसान हो सकेगा।
इससे बुनियादी ढ़ांचे में भी सुधार हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक, रक्सौल से 8 सीटर विमान के परिचालन को लेकर बैंगलोर की कंपनी स्प्रिट एयर को लेटर ऑफ इंटेंट पहले ही जारी किया जा चुका है। रक्सौल से दो रूटों पटना के पास बिहटा और यूपी के बनारस के बीच 8 सीटर विमान उड़ाने को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है। लेकिन बाद में रक्सौल एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार आदि का काम होने के बाद यहां से एटीआर-72 जैसे विमानों को उड़ाने की भी योजना है।
ए-320 जैसे विमानों के परिचालन को लेकर अभी तैयारी नहीं देखी जा रही है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में बिहार में हवाई संपर्क का और विस्तार किया जाएगा, जिससे राज्य के हर कोने को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सके। रक्सौल एयरपोर्ट का निर्माण इसी व्यापक योजना का एक अहम हिस्सा है, जो बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
बता दें कि रक्सौल एयरपोर्ट का निर्माण साल 1962 में बनाया गया था। वर्तमान में यह निष्क्रिय है, लेकिन सरकार इसे ए-320 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए अपग्रेड कर रही है, जिसमें 139 एकड़ जमीन का अधिग्रहण और रनवे को लगभग 2,360 मीटर तक बढ़ाना शामिल है। इस एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अतिरिक्त 139 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। बिहार सरकार ने जमीन की खरीद के लिए 207.70 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से इसे अपग्रेड किया जा रहा है और यह सामरिक दृष्टि से भारतीय वायु सेना के लिए भी उपयोगी होगा।