लाइव न्यूज़ :

बिहार में नाइट कर्फ्यू पर सियासत, उपेंद्र कुशवाहा ने संजय जायसवाल को दी नसीहत, कहा-यह राजनीति का वक्त नहीं...

By एस पी सिन्हा | Updated: April 21, 2021 19:36 IST

बिहार में रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ़्यू लगाने, स्कूल और कॉलेज 15 मई तक बंद रखे जाने के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार धारा 144 लागू करने का अधिकार जिला प्रशासन को दिए जाने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं

Open in App
ठळक मुद्देसंजय जयसवाल में नाइट कर्फ्यू के मसले पर नीतीश कुमार को खरी-खोटी सुनाई थी.स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान 15 मई तक बंद रहेंगे.पिछले आदेश में दुकानों को शाम सात बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया था.

पटनाः बिहार में कोरोना संक्रमण की विस्‍फोटक होती जा रही स्थिति के बीच अब सियासत भी गर्माने लगी है. विपक्ष तो विपक्ष है, अब सत्तापक्ष भी आपस में फरिया लेने के मूड में आ गये हैं.

राज्य में हर दिन कोरोना संक्रमण के तोड़ते रिकॉर्ड के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते दिनों कई सारी बंदिशों के साथ नाइट कर्फ्यू का एलान किया था. राज्य में रात नौ बजे के बाद नाइट कर्फ्यू लागू होने से कोरोना के केस तो कम नहीं हुए लेकिन सियासत जरूर होने लगी.

पिछले दिनों भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जयसवाल में नाइट कर्फ्यू के मसले पर नीतीश कुमार को खरी-खोटी सुनाई थी और अब जदयू नेता व विधान पार्षद उपेंद्र कुशवाहा ने डॉ संजय जायसवाल को नसीहत दे डाली है. उपेंद्र कुशवाहा ने डॉ संजय जायसवाल के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी का वक्त नहीं है.

उन्होंने सीधे-सीधे इसके लिए डॉ संजय जयसवाल को चोट किया है. उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा की तरफ से नाइट कर्फ्यू को लेकर उठाई गई सवालों से जुड़ी खबर को ताजा करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है. "जयसवाल जी, अभी राजनीतिक बयानबाजी का वक्त नहीं है." दरअसल, बीते दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने पोस्ट में लिखा था- 'मैं कोई विशेषज्ञ तो नहीं हूं फिर भी सभी अच्छे निर्णयों में से इस एक निर्णय को समझने में असमर्थ हूं कि रात का कर्फ्यू लगाने से कोरोना वायरस का प्रसार कैसे बंद होगा?

अगर कोरोना वायरस के प्रसार को वाकई रोकना है तो हमें हर हालत में शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक की बंदी करनी होगी. घरों में बंद इन 62 घंटों में लोगों को अपनी बीमारी का पता चल सकेगा और उनके बाहर नहीं निकलने के कारण बीमारी के प्रसार को रोकने में कुछ मदद अवशय मिलेगी."

यहां बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले उपेंद्र कुशवाहा पाला बदलकर महागठबंधन में चले गए थे. लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद हाल ही में उनकी पार्टी का जदयू में विलय हो गया. अभी वह जदयू के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और विधान परिषद में सदस्य मनोनीत किये जा चुके हैं.

टॅग्स :कोविड-19 इंडियाबिहार में कोरोनानीतीश कुमारउपेंद्र कुशवाहाभारतीय जनता पार्टी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्टमोतिहारी जहरीली शराबः 4 की मौत और 15 की हालत खराब?, 6 लोगों की आंखों की रोशनी

भारत अधिक खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे