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Bihar Assembly election 2020: युवा वर्ग नीतीश सरकार से खफा, रोजगार, उच्च शिक्षा समेत कई मुद्दे, तेजस्वी बोले- 10 लाख देंगे नौकरी

By एस पी सिन्हा | Updated: September 29, 2020 18:28 IST

मतदाता भी अपना जनप्रतिनिधि चुनने की तैयारी में हैं. बिहार में इसबार 31-50 वर्ष वाले मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेंगे. लेकिन 26-30 के आयु वर्ग वाले 15.8 प्रतिशत मतदाता भी तख्त पलट सकते हैं. ऐसा इसलिए क्यूंकि इस आयु वर्ग के मतदाताओं में सरकार के प्रति आक्रोश है. 

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ठळक मुद्देचुनाव तिथियों के घोषणा के साथ ही सभी राजनीतिक दलों के नेता जोर-शोर से डबल एनर्जी के साथ चुनाव प्रचार में जुटे गए हैं.मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए माननीय हर हथकंडे अपना रहे हैं.जानकारों की अगर मानें तो रोजगार, उच्च शिक्षा समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर युवा वर्ग मौजूदा एनडीए सरकार से खफा है.

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रणभेरी बजते ही सभी दल ताल ठोकने लगे हैं. चुनाव तिथियों के घोषणा के साथ ही सभी राजनीतिक दलों के नेता जोर-शोर से डबल एनर्जी के साथ चुनाव प्रचार में जुटे गए हैं. मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए माननीय हर हथकंडे अपना रहे हैं.

इधर, मतदाता भी अपना जनप्रतिनिधि चुनने की तैयारी में हैं. बिहार में इसबार 31-50 वर्ष वाले मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेंगे. लेकिन 26-30 के आयु वर्ग वाले 15.8 प्रतिशत मतदाता भी तख्त पलट सकते हैं. ऐसा इसलिए क्यूंकि इस आयु वर्ग के मतदाताओं में सरकार के प्रति आक्रोश है. 

जानकारों की अगर मानें तो रोजगार, उच्च शिक्षा समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर युवा वर्ग मौजूदा एनडीए सरकार से खफा है. ऐसे में अगर यह बदलाव के उद्देश्य से पाला बदलते हैं तो मौजूदा सरकार को नुकसान हो सकता है. यही कारण है कि तेजस्वी यादव इस मुद्दे के बाल पर सत्ता पर काबिज होने के प्रयास में जुट गये हैं.

उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा बडे़ ही जोरशोर से उठाना शुरू कर दिया है. तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर उनकी सरकार बनी पहली कैबिनेट की बैठक में पहला निर्णय करीब दस लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का निर्णय लेंगे. इसका मुख्य कारण यही है कि तेजस्वी युवाओं को हर हाल में अपनी वोट बैंक के रूप में परिवर्तित करना चाहते हैं.

अब अगर इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाए कि इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में किस उम्र के मतदाता जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री बनने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं तो जवाब यह होगा कि 31-50 वर्ष तक के मतदाता इस बार के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे.

राज्य के कुल मतदाताओं की 44.1 प्रतिशत संख्या 31-50 आयु वर्ग के मतदाताओं की है. जबकि अन्य आयु वर्ग के मतदाताओं पर ध्यान दिया जाए तो 18-25 के आयु वर्ग के मतदाता 13.9 प्रतिशत, 26-30 के आयु वर्ग वाले 15.8 प्रतिशत, 51-65 के आयु वर्ग वाले 17.2 प्रतिशत और 65 से ऊपर आयु वर्ग वाले 9 प्रतिशत हैं.

ऐसे में देखा जाए तो इन्हें लुभाने वाले सत्ता पर आसानी से काबिज हो जा सकते हैं. यहां बता दें कि पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर, दूसरा चरण का 3 नवंबर और तीसरा चरण का 7 नवंबर को सम्पन्न कराया जाएगा. जबकि चुनाव परिणाम 10 नवंबर को आएंगे.

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव २०२०पटनानीतीश कुमारतेजस्वी यादवआरजेडीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसजेडीयू
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