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मणिपुर हिंसा पर बोले ओवैसी- सीएम बीरेन सिंह को हटाएं तभी न्याय हो सकेगा, हथियार लूटने का मामला एनआईए को सौंपने की मांग की

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 28, 2023 21:28 IST

मीडिया से बात करते हुए औवेसी ने कहा कि यह शर्मनाक है कि उन्हें उन दो महिलाओं और कई अन्य महिलाओं के साथ हुए बलात्कार की कोई चिंता नहीं है। उनके लिए सब कुछ एक साजिश है।

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ठळक मुद्देमोदी सरकार को महिलाओं के साथ हुए बलात्कार से ज्यादा चिंता अपनी छवि की - औवेसीवे जानबूझकर इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं - औवेसीहथियार लूटने का मामला एनआईए को दिया जाए - औवेसी

नई दिल्ली: मणिपुर का मामला इस समय देश के सबसे ज्वलंत मुद्दों में सबसे ऊपर है और राज्य की स्थिति को लेकर विपक्षी दल और नेता केंद्र सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार को महिलाओं के साथ हुए बलात्कार से ज्यादा चिंता अपनी छवि को लेकर है।

मीडिया से बात करते हुए औवेसी ने कहा, "मुद्दा यह है कि मोदी सरकार अपनी छवि को लेकर अधिक चिंतित है। यह हिंसा पिछले तीन महीनों से जारी है। यह शर्मनाक है कि उन्हें उन दो महिलाओं और कई अन्य महिलाओं के साथ हुए बलात्कार की कोई चिंता नहीं है। उनके लिए सब कुछ एक साजिश है। लेकिन मणिपुर में हिंसा के बारे में क्या? वे जानबूझकर इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए, साजिश का एक नया कोण दिया जा रहा है।  मुख्यमंत्री को हटाएं, सारी जांच सीबीआई को सौंपी जाए और हथियार लूटने का मामला एनआईए को दिया जाए। तभी न्याय हो सकेगा।"

मणिपुर मामले को लेकर असदुद्दीन औवेसी पहले भी केंद्र सरकार पर हमलावर रहे हैं। इससे पहले ओवैसी ने कहा था कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर की दो महिलाओं को नग्न घुमाने के वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए केवल इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि यह वायरल हो गया था। उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।

हालांकि असदुद्दीन औवेसी की एक मांग तो पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले को सीबीआई को सौंप दिया है। बता दें कि मणिपुर के हालात को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर विपक्षी दलों के 20 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य की स्थिति का जायजा लेने भी जा रहा है।

ये डेलिगेशन वहां रिलीफ कैंप्स में लोगों से बात करेगा और फिर गवर्नर के समक्ष उनकी बात रखी जाएगी। विपक्षी दलों के गठबंधन 'I.N.D.I.A' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस) के 20 सदस्यों का डेलिगेशन 29 जुलाई की सुबह मणिपुर जाएगा।  

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