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अमरनाथ यात्रा चिंता का कारण बनने लगी हिंसा में आई तेजी, जानें पूरा मामला

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: April 21, 2022 17:02 IST

आतंकी हमलों में तेजी ऐसे समय में आई है जबकि प्रशासन अमरनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। अभी तक प्रदेश में शांति के लौटने के दावे करने वाला प्रशासन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के प्रति बेफिक्र था लेकिन आतंकी हमलों में आई अचानक और जबरदस्त तेजी ने उसके पांव तले से जमीन खिसका दी है। 

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ठळक मुद्देकरीब 12 लोगों को भी मौत के घाट उतारा जा चुका है तथा 32 हथगोलों के हमले भी हो चुके हैं।अधिकतर हमले, हत्याएं दक्षिण कश्मीर में हुई हैं।

जम्मू: पिछले तीन महीने से कश्मीर में हिंसा में आई तेजी के बाद अधिकारियों की चिंता अमरनाथ यात्रा को लेकर बढ़ने लगी है। यह चिंता इसलिए भी है क्योंकि सीमा पार से मिले संदेश भी कहते हैं कि पाकिस्तान की कोशिश इस बार अमरनाथ यात्रा में जबरदस्त खलल डालने की होगी। आंकड़ों पर एक नजर दौड़ाएं तो पिछले तीन महीने के भीतर आतंकी करीब 6 दर्जन हमलों को अंजाम दे चुके हैं। 

करीब 12 लोगों को भी मौत के घाट उतारा जा चुका है तथा 32 हथगोलों के हमले भी हो चुके हैं। इस दौरान 11 सुरक्षाकर्मी शहीद हो चुके हैं। अधिकतर हमले, हत्याएं दक्षिण कश्मीर में हुई हैं। दक्षिण कश्मीर में ही अमरनाथ यात्रा होती है और अभी तक मारे गए 60 के करीब आतंकियों में से आधे से अधिक दक्षिण कश्मीर में ही मारे गए हैं।

आतंकी हमलों में तेजी ऐसे समय में आई है जबकि प्रशासन अमरनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। अभी तक प्रदेश में शांति के लौटने के दावे करने वाला प्रशासन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के प्रति बेफिक्र था लेकिन आतंकी हमलों में आई अचानक और जबरदस्त तेजी ने उसके पांव तले से जमीन खिसका दी है। 

नतीजतन केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी प्रदेश प्रशासन की मदद को आगे आना पड़ा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के कई अधिकारी पिछले कई दिनों से प्रदेश में डेरा डाले हुए हैं और उनके द्वारा कई सूचनाओं को कश्मीर पुलिस के साथ सांझा करने के बाद कश्मीर पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा की खातिर थ्री टियर सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन शुरू किया है।

खुफिया सूचनाएं चेतावनी दे रही हैं कि आतंकी बेस कैम्पों पर हमलों की योजनाओं को अंजाम दे सकते हैं जिनको रोकने की खातिर जम्मू स्थित बेस कैम्प की सुरक्षा का जिम्मा कमांडो के हवाले करने की तैयारी की जा रही है तथा भगवती नगर स्थित बेस कैम्प के साथ सटे निक्की तवी के एरिया में तलाशी अभियानों के लिए सेना की मदद ली जाएगी क्योंकि कई बार इस इलाके से हथियार और गोला बारूद बरामद किया जा चुका है। यह इलाका घुसपैठियों का खास रहा है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरअमरनाथ यात्रा
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