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उज्ज्वला योजना के 4 साल हुए पूरे, इस तरह यह योजना चुनाव से लेकर लॉकडाउन तक में बनी मोदी सरकार की ताकत

By संतोष ठाकुर | Updated: May 2, 2020 20:08 IST

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वयं लॉकडाउन के दौरान इसकी डिलीवरी की निगरानी करने के साथ ही 4 बार एलपीजी डीलरों से इस मुददे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर चुके हैं।

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ठळक मुद्देप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को बलिया उप्र में इस योजना की शुरूआत की थी।पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई।

नई दिल्ली: लॉकडाउन 3.0 की घोषणा के दिन केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के चार साल पूरे हो गए। इस दौरान उप्र का चुनाव जिताने से लेकर लॉकडाउन के दौरान लोगों की रसोई तक पहुंचकर इस योजना ने लगातार केंद्र सरकार की राजनीतिक उम्मीद की आंच को बनाए रखा है। 

यही वजह भी है कि सरकार ने उज्जवला योजना के सभी लाभार्थियों को लॉकडाउन के दौरान 3 सिलेंडर फ्री देने की घोषणा करते हुए उनके खातों में इसके लिए पैसे भी एडडवांस में डाल दिए और लगभग एक करोड़ उज्जवला सिलेंडर की आपूर्ति भी अब तक कर दी गई है। 

यह योजना सरकार के लिए कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इस से लगाया जा सकता है कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वयं लॉकडाउन के दौरान इसकी डिलीवरी की निगरानी करने के साथ ही 4 बार एलपीजी डीलरों से इस मुददे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को बलिया उप्र में इस योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत गरीब परिवारों को फ्री एलपीजी सिलेंडर उज्जवला दिया जाना था। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने पीएम को निराश नहीं किया। समय से पहले ही 8 नवंबर 2016 को एक करोड़ सिलेंडर देने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया। 

उसके उपरांत 31 मार्च 2017 को 2 करोड़, 12 अक्टूबर 2017 को 3 करोड़, 25 मई 2018 को 4 करोड़, 3 अगस्त 2018 को 5 करोड़, 2जनवरी 2019 को 6 करोड़ और 8 मार्च 2019 को 7 करोड़ उज्जवला कनेक्शन का लक्ष्य हासिल किया गया। शुरूआत में केवल 5 करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य था। लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए सरकार ने 7 करोड़ कनेकशन दिए। धर्मेंद्र प्रधान लगातार योजना की निगरानी करते रहे। 

आईआईएम सहित देश दुनिया के एक दर्जन संस्थानों ने इस योजना की सफलता पर स्टडी की और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। इन संस्थानों ने कहा कि ऐसा नहीं होने पर भारत में चूल्हे के धुंए से होने वाली मौत् और बीमारी बहुत अधिक होती। 

एक अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन में उज्जवला योजन से करीब आठ करोड़ लोगों को सीधी राहत मिल रही है। यही नहीं, लोगों की सुविधा के लिए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़े सिलेंडर की जगह छोटे 5 किमी सिलेंडर लेने की सुविधा भी इस योजना में दी है। जिससे जितनी जरूरत है उतनी ही गैस गरीब लोग खरीद पाएं।

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