लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर: लाइफस्टाइल में बदलाव और देर से शादी से बढ़ रही इनफर्टिलिटी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: December 18, 2025 09:09 IST

Jammu and Kashmir:' अगर समय पर इलाज न किया जाए तो बिना यौन संचारित इन्फेक्शन भी इसका कारण बन सकते हैं।

Open in App

Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के डाक्टरों ने केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते इनफर्टिलिटी रेट पर चिंता जताई है। उन्होंने इसके लिए देर से शादी, लाइफस्टाइल में बदलाव, मोटापा, हार्मोनल डिसआर्डर, खाने-पीने की खराब आदतें और रिप्रोडक्टिव हेल्थ और कान्ट्रासेप्शन के बारे में जागरूकता की कमी को वजह बताया है। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने कहा कि इनफर्टिलिटी, जिसे कभी इस इलाके में एक बहुत कम होने वाली मेडिकल समस्या माना जाता था, अब युवा जोड़ों, खासकर महिलाओं में तेज़ी से रिपोर्ट हो रही है, जिससे न केवल हेल्थ चैलेंज बल्कि एक बड़ी सामाजिक चिंता भी पैदा हो रही है।

डायरेक्टोरेट आफ हेल्थ सर्विसेज कश्मीर में गायनेकोलाजिस्ट डा बरजस्ता बहार बताती थीं कि देर से शादियां जम्‍मू कश्‍मीर में इनफर्टिलिटी के सबसे बड़े कारणों में से एक बनकर उभरी हैं।

वे कहती थीं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, फर्टिलिटी अपने आप कम होने लगती है। महिलाओं के लिए फर्टिलिटी की सबसे अच्छी उम्र 18 से 25 साल के बीच होती है। डा बहार के बकौल, कई सोशियो-इकोनामिक वजहों से शादियां बाद में हो रही हैं, जिनमें गरीबी, बेरोजगारी, दहेज की मांग, शादी के महंगे रीति-रिवाज, लंबी पढ़ाई और घर बसाने से पहले पक्की सरकारी नौकरी का इंतज़ार करने की आम आदत शामिल है।

हालांकि अन्‍य डाक्टरों का कहना था कि बदलती लाइफस्टाइल ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। डा बहार कहती थीं कि पालीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, जो एक हार्मोनल डिसार्डर है और रिप्रोडक्टिव उम्र की महिलाओं को प्रभावित करता है, हाल के सालों में प्रदेश में तेजी से बढ़ा है।

इसी तरह से सेंट्रल कश्मीर में तैनात एक और गायनेकोलाजिस्ट, डा रक्षंदा ने प्रजनन पथ के इन्फेक्शन को इनफर्टिलिटी का एक बड़ा लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाने वाला कारण बताया।

वे कहती थीं कि पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज, जो महिलाओं के प्रजनन अंगों पर असर डालती है, आमतौर पर क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे बिना इलाज वाले यौन संचारित इन्फेक्शन के कारण होती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो बिना यौन संचारित इन्फेक्शन भी इसका कारण बन सकते हैं।

डाक्टरों ने जोर देकर कहा कि गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता की कमी जम्‍मू कश्‍मीर में स्थिति को और खराब कर रही है।

इस मामले की गंभीरता आफिशियल डेटा में भी दिखती है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019–21 के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में भारत में सबसे कम फर्टिलिटी रेट दर्ज किया गया है। सर्वे में 2015–16 के नतीजों की तुलना में फर्टिलिटी रेट में 0.6 परसेंट की गिरावट सामने आई।

ऐसे में डाक्टरों का कहना था कि अगर समय पर कदम उठाए जाएं तो इनफर्टिलिटी को काफी हद तक रोका जा सकता है। वे लोगों, परिवारों और सरकारी संस्थाओं को शामिल करते हुए कई तरह के तरीके अपनाने की सलाह देते हैं।

डाक्टरों का कहना था कि पढ़ी-लिखी महिलाओं को, खासकर, फर्टिलिटी की बायोलाजिकल सीमाओं के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए, और कहा कि करियर प्लानिंग को रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्लानिंग के साथ-साथ चलना चाहिए।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरHealth and Family Welfare Department
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार