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औषधीय गुणों का भंडार है ये पौधा, आयुर्वेद के अनुसार चर्म रोग, गठिया, बुखार, मिर्गी जैसे 10 रोगों का करता है इलाज

By उस्मान | Updated: August 18, 2021 09:22 IST

इस चमत्कारी औषधीय पौधे के पत्तों का प्राचीन समय से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है

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ठळक मुद्देप्राचीन समय से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता हैफोड़े, सूजन, मिर्गी, हिस्टीरिया, बुखार में है लाभदायकखांसी, सांस लेने में परेशानी में देता है आराम

आयुर्वेद में ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जिनका विभिन्न रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा ही एक चमत्कारी पौधा आक-अर्क का पौधा (Calotropis) है। इस पौधे के पत्तों का प्राचीन समय से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। मदार नाम से मशहूर इस पौधे के फूलों को शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। 

वेबएमडी के अनुसार, इस पौधे का दस्त, कब्ज और पेट के अल्सर सहित पाचन विकारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा दांत दर्द, ऐंठन और जोड़ों के दर्द सहित दर्दनाक स्थितियों से आराम पाने के लिए भी यह पौधा उपयोगी है। 

कई रिसर्च के अनुसार, इस पौधे में एलिफेंटियासिस (हाथी पांव) पेट के कीड़े, सिफिलिस, फोड़े, सूजन, मिर्गी, हिस्टीरिया, बुखार, मांसपेशियों में ऐंठन, मस्से, कुष्ठ रोग, गठिया और कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से भी लड़ने की क्षमता होती है।

आक-अर्क का पौधा कैसे काम करता है?कैलोट्रोपिस में कुछ ऐसे रसायन होते हैं, जो कफ को पतला करने में सहायक होते हैं और खांसी से बचाते हैं। जानवरों पर हुए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि इस पौधे में दर्द, सूजन, बैक्टीरिया, बुखार और अल्सर के लक्षणों को कम करने की खमता होती है। 

आक-अर्क के पौधे आपको कहीं भी देखने को मिल सकते हैं। इस पौधे से लोग इसलिए दूर भागते हैं क्योंकि ये माना जाता है कि इसमें जहर पाया जाता है। बेशक यह जहरीला पौधा होता है लेकिन अगर सीमित मात्रा में और सही तरकी से सावधानी के साथ इसके फूल और पत्तों का इस्तेमाल किया जाए, तो ये किसी चमत्कार से कम नहीं है।

इन बीमारियों का कर सकता है नाशइस पौधे के इस्तेमाल से आप दांत दर्द, सिफलिस, मिर्गी, बुखार, कुष्ठ रोग, गाउट, सांप के काटने, गंजेपन, पाचन संबंधी विकार, दस्त, ऐंठन, फोड़े, कैंसर, सूजन, जोड़ों का दर्द, अल्सर, खांसी, सांस लेने में परेशानी, अस्थमा आदि से राहत पा सकते हैं। हालांकि इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको एक्सपर्ट्स से सलाह लेनी चाहिए।

इस बात का रखें ध्यानअगर आप ऊपर बताई गई किसी समस्या से राहत पाने के लिए इस पौधे के फल या पत्तों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक्सपर्ट्स से सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि इसकी मात्रा और जरूरत आयु, स्वास्थ्य और कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है। इस पौधे के बारे में अभी पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। गलत तरीके से इस्तेमाल करने से आपको कई दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। 

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