लाइव न्यूज़ :

Diet tips: कोरोना काल में बिल्कुल भी न करें खाने से जुड़ी ये एक गलती, धीरे-धीरे शरीर बन जाएगा बीमारियों का अड्डा

By उस्मान | Updated: October 15, 2020 15:01 IST

कोरोना वायरस डाइट प्लान : वायरस से निपटने के लिए बेहतर खानपान का ख्याल रखना जरूरी है

Open in App
ठळक मुद्देशोधकर्ताओं का दावा 2 घंटे से ज्यादा देर तक रखा खाना हो जाता है जहरीलारूम टेम्परेचर 40 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच है तो 20 मिनट खराब हो जाता है खाना रात का खाना सुबह गर्म करके खाना नुकसानदायक

कोरोना संकट खत्म नहीं हुआ है। चीन से निकला यह खतरनाक वायरस ऐसे लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स कोरोना से निपटने के लिए इम्यून पावर बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इसमें डाइट का सबसे अहम रोल है। 

बेहतर खानपान न केवल आपको स्वस्थ रखने बल्कि लंबा जीवन जीने में मदद करता है। आजकल बहुत से लोग खाने-पीने से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां आर रहे हैं, जो धीरे-धीरे उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। उनमें से एक गलती है खाना बनाकर उसे काफी देर बाद खाना। 

जल्दी खराब हो जाता है रूम टेम्परेचर में रखा खाना 

शोधकर्ता मानते हैं कि बना हुआ ताजा खाना कुछ देर बाद ही रूम टेम्परेचर में एक सीमा के बाद ही खाना खराब हो जाता है। अमेरिकी संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने रूम टेम्परेचर में रखे बने हुए खाने को होने वाले नुकसान और यह कितनी देर में खराब होता है, इसपर शोध किया गया है। शोध कर रहे शोधकर्ताओं ने इस विषय में '2 घंटे' की एक पॉलिसी बनाई है।

शोधकर्ताओं का दावा 2 घंटे से ज्यादा देर तक रखा खाना हो जाता है जहरीला

इस पॉलिसी के मुताबिक आपने कितने रूम टेम्परेचर में खाना छोड़ा है, इस आधार पर दो घंटे में वह खाना किस हद तक खराब हो सकता है, यह जाना जा सकता है। उदाहरण के लिए शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर कमरे का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस है तो यह खाना 2 घंटे में खराब हो जाएगा और इसे तुरंत फेंक दें।

टेम्परेचर 40 डिग्री सेल्सियस है तो यह खाना एक घंटे के अन्दर ही खराब हो जाता है। मगर कम टेम्परेचर में खाना अधिक समय तक चल सकता है। शोध में यह भी बताया गया कि कितनी देर में खाने के अन्दर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं।

खाने को बैक्टीरिया कितनी देर में लगता है?

अगर रूम टेम्परेचर 40 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच है तो 20 मिनट के अन्दर ही खाने में ढेरों बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। और 20 मिनट के बाद अचानक से इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है। इस खाने को लगा एक बैक्टीरिया लाखों और बैक्टीरिया को जन्म देता है जिस वजह से यह खाना खाने लायक नहीं रहता है। 

शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट में लिखा है कि अगर आपने घर में पर्टी का आयोजन किया है और इस दौरान खाना रूम में ही लंबे समय के लिए लगाया जा रहा है तो आपको ऐसे बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए जो खाने को अधिक देर तक गर्म रख सकें।

क्या खाना गर्म करने से बैक्टीरिया मर जाते हैं?

आपने शायद किसी से यह सुना भी हो कि अगर देर रात खाना बाहर छूट जाए तो उसे दोबारा गर्म करके ठीक किया जा सकता है। लेकिन यह बिलकुल गलत है! 

शोधकर्ताओं की मानें तो अधिक समय तक बाहर छूट गए खाने को लगने वाले बैक्टीरिया में  staphylococcus और bacillus cereus नाम के दो खतरनाक बैक्टीरिया भी होते हैं। ये खाने को बहुत ज्यादा गर्म करने के बावजूद भी मरते नहीं हैं।

इस तरह के खाने में तेजी से लगता है बैक्टीरिया

बैक्टीरिया लगे इस खाने को अगर खा लिया जाए तो फूड पाइजनिंग का ख़तरा होता है। मांस, मछली, अंडा, सलाद, पेस्ट्री, दूध, दही, पनीर, आदि चीजें अगर बाहर छूट जाएं और समय से इन्हें फ्रीजर में ना रखे जाए तो इनपर बैक्टीरिया सबसे तेजी से लगते हैं

इसके बावजूद अगर दोबारा गर्म करके या रेफ्रिजिरेट करके इनका सेवन कर लिया जाए तो ये बुखार, दस्त, डिहाइड्रेशन, मितली लगने जैसी परेशानियों को बनाता है। इसलिए भूल से भी इस तरह के खाने का सेवन ना करें। 

टॅग्स :डाइट टिप्सहेल्थ टिप्सहेल्थी फूड
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यबांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत