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COVID-19 vaccine: भारत में बनेगी एक और देसी वैक्सीन, जल्द शुरू होगा ट्रायल, जानिये बाकी वैक्सीन का काम कहां तक पहुंचा

By उस्मान | Updated: December 16, 2020 10:24 IST

भारत में छह टीकों पर काम चल रहा है जिसमें पहली देसी वैक्सीन कोवैक्सीन भी है

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ठळक मुद्देकोवैक्सीन भारत की पहली देसी वैक्सीन हैभारत में बनने वाली यह दूसरी वैक्सीन होगीफिलहाल देश में छह टीकों पर चल रहा है काम

भारत में कोरोना वायरस से निपटने के लिए एक और वैक्सीन बनाई जाएगी। इस वैक्सीन को पुणे की फार्मा कंपनी Gennova भारत सरकार की रिसर्च एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के साथ मिलकर बनाएगी। यह जानकारी नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने दी है। 

इसे डीसीजीआई से मंजूरी मिल गई है। इस वैक्सीन को विकसित करने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, वह उसी तरह होती है जैसे कि फाइजर वैक्सीन के लिए इस्तेमाल की जाती है।

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुणे स्थित गेनोवा फार्मास्युटिकल्स अपनी स्वदेशी वैक्सीन 'एचजीसीओ 19' के पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण जनवरी से शुरू कर सकता है। 

यह आरएनए प्लेटफॉर्म पर आधारित करेगा, जिसमें 120 वालंटियर्स हिस्सा लेंगे। कंपनी को सेफ्टी एंड इम्युनोजेनेसिटी के लिए पहले और दूसरे चरण के परीक्षण की मंजूरी मिली गई।

भारत की पहली देसी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' का ट्रायल अंतिम दौर में है। अब तक एक हजार लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जा चुका है और जल्द ही यह वैक्सीन इस्तेमाल के लिए आ सकती है। 

वर्तमान में भारतीय नियामक आपातकालीन उपयोग के लिए तीन टीकों पर विचार कर रहे हैं। इन टीकों को एस्ट्राजेनेका, भारत बायोटेक और फाइजर इंक व बायोएनटेक द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इनमें से एक को जल्द ही लाइसेंस मिल सकता है। अमेरिका में हाल ही में Pfizer-BioNTech वैक्सीन को मंजूरी दी है और न्यूयॉर्क में एक नर्स इसे प्राप्त करने वाली पहली थी।

भारत में फिलहाल छह टीके परीक्षणों से गुजर रहे हैं और सरकार मॉडर्न के साथ बातचीत कर रही है, जिसे अल्ट्रा-कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता है। आठ टीके हैं जो वर्तमान में देश में विकास के विभिन्न चरणों में हैं। 

एक कोविशिल्ड है जिसे एस्ट्राज़ेनेका के सहयोग से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित किया जा रहा है। आईसीएमआर के साथ मिलकर भारत बायोटेक एक और वैक्सीन विकसित कर रहा है, जिसका नाम कोवाक्सिन है, जोकि देश की पहली देसी वैक्सीन है।

ZyCOV-D को कैडिला हेल्थकेयर द्वारा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ विकसित किया गया है। स्पुतनिक-वी रूस में डॉ रेड्डीज लैब और गैमलेया नेशनल सेंटर द्वारा विकसित चौथा टीका है।

NVX-CoV2373 SII और नोवावैक्स द्वारा विकसित किया जा रहा है। छठा टीका संयुक्त राज्य अमेरिका में जैविक ई और एमआईटी द्वारा निर्मित एक पुनः संयोजक प्रोटीन प्रतिजन-आधारित टीका है।

एचजीसीओ 19, सातवीं एक का निर्माण जेनोवा द्वारा एचडीटी, यूएसए के सहयोग से किया जा रहा है। भारत के बायोटेक द्वारा थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी, यूएसए के सहयोग से आठवां वैक्सीन विकसित किया जा रहा है।  

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