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Covid-19 vaccine: कोविड-19 टीके ने चूहों में बनाई एंटीबॉडी, मौत का खतरा किया कम, अब इंसानों पर होगा टेस्ट

By उस्मान | Updated: September 7, 2020 09:11 IST

कोरोना वायरस वैक्सीन अपडेट : जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन ने चूहों में इम्यूनिटी बढ़ाई है और मौत का खतरा कम किया है

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ठळक मुद्देनिमोनिया और मौत का खतरा हो सकता है कमअब मनुष्यों पर किया जा रहा है परीक्षणटीके ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाया

कोरोना वायरस का प्रभाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस संक्रमण से दुनियाभर में अब तक 887,550 लोगों की मौत हो चुकी है और 27,289,725 संक्रमित हो गए हैं। इस बीमारी का फिलहाल कोई टीका या दवा नहीं आई है। इस बीच अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के साथ साझेदारी में विकसित कोविड-19 टीके के परीक्षण में पाया गया कि उससे ऐसे एंटीबॉडी बने जिनसे चूहों को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सका।  

निमोनिया और मौत का खतरा हो सकता है कमनेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार इस टीके ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाया और उन्हें निमोनिया जैसे अनेक रोगों तथा मौत से बचाया जा सका। 

जॉनसन एंड जॉनसन तथा बर्थ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर (बीआईडीएमसी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके में सामान्य सर्दी जुखाम के वायरस 'एडिनोवायरस सीरोटाइप 26' (एडी26) का इस्तेमाल किया गया है। 

मनुष्यों पर किया जा रहा है परीक्षणबीआईडीएमसी सेंटर फॉर वायरोलॉजी एंड वैक्सीन रिसर्च के निदेशक डैन बरूच ने कहा,  'हमने हाल ही में देखा कि एडी26 आधारित सार्स-सीओवी-2 टीके ने बंदरों के अंदर मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित की और अब इसका परीक्षण मनुष्यों पर किया जा रहा है।' 

उन्होंने यह भी कहा, 'हालांकि बंदरों को सामान्य रूप से अधिक गंभीर बीमारियां नहीं होतीं, और इसलिए यह अध्ययन करना जरूरी था कि क्या यह टीका चूहों को गंभीर निमोनिया और सार्स-सीओवी-2 से मौत से बचा सकता है।' 

'एस्ट्राजेनेका' टीका परीक्षण के तीसरे चरण में पहुंचाअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ‘एस्‍ट्राजेनेका’ द्वारा विकसित टीका परीक्षण के तीसरे चरण में पहुंच गया है और यह अंतिम मंजूरी मिलने के करीब है। कई एजेंसियों के समूह ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ के तहत इस टीके का तीसरे चरण का परीक्षण किया जा रहा है। 

अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा संस्थान के नेतृत्व वाले इस समूह का लक्ष्य कोविड-19 के चिकित्सकीय उपाय के विकास में तेजी लाना और जनवरी 2021 तक प्रभावी टीके की 30 करोड़ खुराक मुहैया कराना है। 

ट्रम्प ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि ‘एस्‍ट्राजेनेका’ का टीका परीक्षण के तीसरे चरण में पहुंच गया है। उन्होंने कहा, 'यह टीकों के अन्य समूहों का हिस्सा बन रहा है, जिनका परीक्षण जल्द पूरा हो जाएगा और अंतिम मंजूरी के लिए तैयार हो जाएगा।

‘एस्ट्राजेनेका’ कोविड-19 का टीका बनाने की दौड़ में सबसे आगे चल रही कंपनियों में से एक है। इसके अलावा ‘मॉर्डना इंक’ और ‘पीफाइजर इंक’ द्वारा विकसित टीके भी तीसरे चरण के परीक्षण में हैं। 

कोविड-19 का रूसी टीका सुरक्षित, परीक्षणों में एंटीबॉडी बनते नजर आये कोविड-19 के रूसी टीके ‘स्पुतनिक V’ के कम संख्या में मानवों पर किये गये परीक्षणों में कोई गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला परिणाम सामने नहीं आया है और इसने परीक्षणों में शामिल किये गये सभी लोगों में ‘एंटीबॉडी’ भी विकसित की। 

द लांसेट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। रूस ने पिछले महीने इस टीके को मंजूरी दी थी। टीके के शुरूआती चरण का यह परीक्षण कुल 76 लोगों पर किया गया और 42 दिनों में टीका सुरक्षा के लिहाज से अच्छा नजर आया। इसने परीक्षणों में शामिल सभी लोगों में 21 दिनों के अंदर एंटीबॉडी भी विकसित की। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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