Covid-19 diet tips: high potassium side effects, Causes, Symptoms and diet tips for Hyperkalemia in Hindi | Covid-19 diet tips: कोरोना संकट में कम खायें ये 5 चीजें, बढ़ सकता है पोटैशियम लेवल, किडनियां हो सकती हैं कमजोर, जान का भी खतरा
कोरोना वायरस डाइट टिप्स

Highlightsवायरस कमजोर लोगों को जल्दी प्रभावित करता हैशरीर में पोटैशियम की अधिक मात्रा भी आपके लिए खतरनाकअधिक मात्रा होने से खासकर किडनी डिजीज का खतरा

कोरोना वायरस से बचने और उसका मुकाबला करने के लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चीन से निकला यह खतरनाक वायरस कमजोर लोगों को जल्दी प्रभावित करता है। 

यही वजह है कि इस दौरान हेल्दी डाइट लेने और हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करने की सलाह दी जा रही है। क्योंकि यह दो ही तरीके हैं जिनके जरिये शरीर को अंदर और बाहर स्ट्रोंग बनाया जा सकता है। 

बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की तरह पोटैशियम की भी जरूरत होती है। यह एक ऐसा पोषक तत्व है, जो आपके दिल को स्वस्थ और आपकी मांसपेशियों के कामकाज को बेहतर करता है और उन्हें हेल्दी रखता है।

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लेकिन किसी भी चीज के अत्यधिक सेवन की तरह शरीर में पोटैशियम की अधिक मात्रा भी आपके लिए खतरनाक हो सकती है। इससे आपको किडनी डिजीज, हार्ट फेलियर, डायबिटीज और कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। 

शरीर में पोटैशियम बढ़ने के कारण

शरीर में पोटैशियम की अधिक मात्रा होने से खासकर किडनी डिजीज का खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं यह 'हाइपरकलेमिया' नामक रोग का कारण बन सकता है।

बताया जाता है कि किडनी डिजीज के मरीज, खरबूज, संतरे का रस और केले जैसी चीजों अक अधिक सेवन करने वाले लोग, ज्यादा नमकीन और सप्लीमेंट खाने वाले और डायबिटीज के मरीजों को पोटैशियम लेवल बढ़ने का अधिक खतरा होता है।

शरीर में पोटैशियम लेवल कितना होना चाहिए

शरीर में पोटैशियम लेवल बढ़ने को मेडिकल भाषा में हाइपरकलेमिया कहा जाता है। पोटैशियम एक रसायन है जो तंत्रिका और मांसपेशियों की कोशिकाओं के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें आपके हृदय भी शामिल है। आपका ब्लड पोटैशियम का लेवल नॉर्मली 3.5-5.0 मिली लीटर प्रति लीटर (mEq/L) होना चाहिए।

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पोटैशियम लेवल का लेवल 5.1 mEq/L से 6.0 mEq/L के बीच होना माइल्ड हाइपरकेलेमिया माना जाता है। पोटैशियम लेवल का लेवल 6.1 mEq/L से 7.0 mEq/L होना मॉडरेट हाइपरकेलेमिया है और इसका लेवल 7 mEq/L से ऊपर जाना गंभीर हाइपरकेलेमिया को दर्शाता है।

शरीर में पोटैशियम लेवल बढ़ने के लक्षण

शरीर में पोटैशियम लेवल बढ़ने के कई लक्षण हैं। आप मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नता, झुनझुनी, मतली या अन्य असामान्य भावनाओं को महसूस कर सकते हैं। यदि आपको इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

जानलेवा हो सकता है पोटैशियम

कई बार पोटैशियम शरीर में अचानक भी बढ़ सकता है जिससे आपके दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, मतली या उल्टी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। ऐसा होना से आपकी जान तक जा सकती है। ऐसे में आपको तुरंत चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।  

पोटैशियम लेवल कंट्रोल करने के उपाय

अच्छी खबर है यह है कि आप एक बेहतर डाइट प्लान फॉलो करके पोटैशियम लेवल को नॉर्मल रख सकते हैं। अगर आपको ऊपर बताए लक्षण महसूस हों, तो आपको केले, संतरे, खुबानी, अंगूर, किशमिश, खजूर, पालक, ब्रोकोली, आलू, शकरकंद, मशरूम, मटर, खीरे, टमाटर की चटनी और संतरे का रस जैसी चीजों का सेवन कम कर देना चाहिए।  

Web Title: Covid-19 diet tips: high potassium side effects, Causes, Symptoms and diet tips for Hyperkalemia in Hindi

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