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COVID vaccine tips: कोरोना वायरस से ठीक होने के तुरंत बाद टीका लगवाने से क्या होगा ?

By उस्मान | Updated: May 6, 2021 12:53 IST

जानिये कोरोना से ठीक मरीजों को कब लगवाना चाहिए टीका

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ठळक मुद्देक्या ठीक हुए मरीज टीका लगवा सकते हैं ?जानिये कोरोना से ठीक मरीजों को कब लगवाना चाहिए टीकाएक्सपर्ट्स का सुझाव नैचुरल इम्यूनिटी सबसे बेहतर

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। संक्रमितों और मृतकों की संख्या का आंकड़ा रोजाना आसमान छू रहा है। हालांकि कोरोना के खिलाफ टीकाकरण जारी है लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि उन्हें कब टीका लगाया जाना चाहिए और इसकी प्रक्रिया क्या है।

इसलिए यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जो हाल ही में एक घातक वायरस से ठीक हुए और इस उलझन में हैं कि आपको टीका लगवाना चाहिए या नहीं, या फिर कब लगवाना चाहिए, तो हम आपको इसका जवाब दे रहे हैं।

कोरोना के मामलों में भारी उछाल देखने के बाद, सरकार ने हाल में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को टीकाकरण की घोषणा की। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टीकाकरण से वायरस, मृत्यु दर और गंभीरता के प्रसार को कम कर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यह रिकवरी के लिए लगने वाले समय को कम कर सकता है। 

हालांकि, यह जानना बहुत जरूरी है कि कोरोना के ठीक हुए मरीज को कब टीका लगवाना चाहिए। अध्ययनों के अनुसार, एक ठीक हुए मरीज को 2-8 सप्ताह बाद टीका लगवाना चाहिए। इसका कारण यह है कि टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद नैचुरल इम्यून सिस्टम प्रभावित होती है और वायरस से लड़ने के लिए नैचुरल इम्यूनिटी बेहतर है।

अध्ययनों के अनुसार, कोरोना वाले व्यक्ति को नैचुरल इम्यूनिटी प्राप्त होती है जो लगभग 90-180 दिनों तक रहती है। इसके अलावा, संक्रमण की गंभीरता के अनुसार नैचुरल इम्यूनिटी भिन्न हो सकती है। इसलिए 2-8 सप्ताह में टीका लगवाना संक्रमण को ठीक करने के लिए सबसे उपाय है। 

ठीक होने के तुरंत बाद टीका लगवाने से क्या होगा?

रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह का कोई सबूत या अध्ययन नहीं है, जो इस बात पर आधारित हो कि ठीक होने के तुरंत बाद टीका लिया जाए तो क्या होगा। हालांकि डॉक्टर मानते हैं कि वायरस से लड़ने के लिए, एक व्यक्ति के लिए नैचुरल इम्यूनिटी होना जरूरी है क्योंकि यह मजबूत है और टीके से उत्पन्न इम्यूनिटी से बेहतर है जो लंबे समय तक रह सकती है।

भारत में कोविड-19 के 4.12 लाख नए मामले 

भारत में कोरोना वायरस के मामले हर दिन एक नया रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और बृहस्पतिवार को संक्रमण के 4,12,262 नए मामले दर्ज किए गए तथा 3,980 लोगों ने इस महामारी से जान गंवाई। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामले देश में 2,10,77,410 हो गए और मृतकों की संख्या 2,30,168 पर पहुंच गई। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 35,66,398 है जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.92 प्रतिशत है। कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर गिरकर 81.99 प्रतिशत हो गई है। 

आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,72,80,844 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत है।  भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक, पांच मई तक 29,67,75,209 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 19,23,131 नमूनों की जांच बुधवार को की गई। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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