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भारत में कोरोना से 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत, भारतीय वैज्ञानिकों ने बताए 'हवा से फैल रहे वायरस' से बचने के 8 असरदार उपाय

By उस्मान | Updated: July 10, 2020 09:59 IST

भारतीय वैज्ञानिकों ने कहा है कि हवा में फैल रहे वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है

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ठळक मुद्देस्वास्थ्य मंत्रालय कहा कि WHO से आने वाली सूचना पर नजर रख रही हैवैज्ञानिकों के एक समूह के दावे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं हैहर जगह और हर किसी को संक्रमित नहीं करेगा

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। चीन से निकले कोविड-19 वायरस से देश में 794,842   लोग संक्रमित हो गए हैं और 21,623 लोगों की मौत हो गई है। वैज्ञानिक अब दावा कर रहे हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा से भी फैल रहा है। इन दावों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय कहा कि स्थिति अभी साफ हो रही है और सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आने वाली सूचना पर नजर रख रही है। 

हाल ही में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ को लिखे एक ओपन लेटर में दावा किया था कि वायरस हवा से फैल सकता है और अति सूक्ष्म कण भी लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ अब तक यही कहता रहा है कि कोविड-19 मुख्य रूप से छींकने और खांसने के समय निकलने वाले सूक्ष्म कण के जरिए प्रसारित होता है। 

वायरस के हवा में फैलने के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी राजेश भूषण ने कहा कि अभी स्थिति साफ हो रही है और सरकार डब्ल्यूएचओ से आने वाली हर सूचना पर नजर रख रही है।

दो गज की दूरी जरूरीउन्होंने कहा, 'इस खास विषय को लेकर हम डब्ल्यूएचओ के मुख्यालय से आने वाली सूचनाओं पर नजर रख रहे हैं लेकिन आपको पता होगा कि आरंभिक चरण से ही हम 'दो गज दूरी' बनाए रखने पर लगातार जोर दे रहे हैं। दूरी बनाए रखने के इस विचार का पालन कर हम सुरक्षित रह सकते हैं क्योंकि सूक्ष्म बूंदें हवा में कुछ समय तक रह सकती है।' 

हवा में फैल रहे वायरस से न घबराएं हैदराबाद स्थित आधुनिक जीव विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिक ने कहा है कोरोना वायरस संक्रमण के हवा से फैलने संबंधी 200 से अधिक वैज्ञानिकों के एक समूह के दावे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

हर जगह और हर किसी को संक्रमित नहीं करेगाउन्होंने यह भी कहा कि इस अध्ययन में सिर्फ यह बताने की कोशिश की गई है कि यह वायरस हवा में अस्थायी रूप से हो सकता है और इसका यह मतलब भी नहीं है कि वायरस हर जगह पहुंच रहा है और हर किसी को संक्रमित कर देगा। 

सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी उन्होंने कहा कि वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखने जैसी अन्य सावधानी बरतना जारी रखना चाहिए। हवा में फैलने का मतलब है यह पांच माइक्रोन से कम आकार की छोटी बूंदों (ड्रॉप्लेटस) में हवा में इधर-उधर जा सकता है और इसका मतलब यह हुआ कि बड़ी बूंदों के रूप में यह कुछ ही मिनटों तक हवा में रहेगा।

अधिक समय तक मास्क पहनना जरूरीयहां स्थित ‘सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी’ (सीसीएमबी) के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि इसका मतलब यह है कि लोगों को अधिक समय तक मास्क पहनना चाहिए। 

हवा में कैसे फैलता है वायरसउन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति बोलता है या सांस लेता है तो छोटी बूंदें छोड़ता है और यह कुछ समय के लिए हवा में रहेगी। उन्होंने कहा कि इसलिए लोगों को लंबे समय तक मास्क पहनना चाहिए। 

सभी जगह नहीं उड़ रहा वायरसमिश्रा ने कहा, ‘‘लेकिन, फिलहाल, ऐसा नहीं होगा, जहां तक मैं देख रहा हूं, कुछ संशोधनों को छोड़कर दिशानिर्देशों में कोई बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं है और घबराने की भी आवश्यकता नहीं है कि वायरस सभी जगह उड़ रहा है और यह सभी को संक्रमित कर देगा।’

'न्यूयार्क टाइम्स’ की एक खबर के अनुसार 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ को पत्र लिखते हुए कहा है कि इस बात के सबूत है कोरोना वायरस हवा से फैल रहा है और एक छोटा कण भी लोगों को संक्रमित कर सकता है इसलिए दिशानिर्देश में बदलाव करें।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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