नागपुरः उमेश कोल्हे हत्याकांड में नागपुर पुलिस ने मास्टरमाइंड इरफान को अरेस्ट कर लिया है। पुलिस निरीक्षक नीलिमा अराज ने कहा कि हत्या की घटना से जुड़े सातवें आरोपी को पुलिस ने नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है।
अमरावती DCP ने कहा कि उमेश कोल्हे हत्याकांड में हमने अभी तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन पर IPC की धारा 302, 120B, और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि उन्होंने(उमेश कोल्हे) नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया था उस कारण यह घटना हुई।
उमेश कोल्हे के भाई महेश कोल्हे ने कहा कि भइया ने कुछ मैसेज नूपुर शर्मा के बारे में कुछ ग्रुप में फॉरवर्ड किए थे। लेकिन इतने छोटे से फॉरवर्ड से जानलेवा हमला होना, हम नहीं समझ पा रहे हैं। अभी तक हमें कोई दूसरा कारण नजर नहीं आ रहा है।
21 जून की रात को भाई हमेशा की तरह अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे और उसी रात को किसी ने उनको चाकू मार दिया। मुझे फोन आया कि उन्हें किसी ने चाकू मार दिया है लेकिन जब मैं वहां पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी।
महेश कोल्हे ने कहा कि उनकी कभी किसी से दु्श्मनी नहीं थी। हमें समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है। 12 दिन हो गए लेकिन पुलिस ने हमें कोई कारण नहीं बताया है। हमने पुलिस से पूछा कि क्या यह लूटपाट का मामला है तो पुलिस ने कहा कि लूटपाट में शरीर पर घाव किए जाते हैं, गले पर नहीं है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम केमिस्ट की हत्या मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती शहर पहुंची। इस मामले की एनआईए जांच का केंद्र का यह फैसला इस आशंका के मद्देनजर लिया है कि केमिस्ट की हत्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट का परिणाम हो सकती है।
केमिस्ट उमेश प्रह्लादराव कोल्हे (54) की हत्या 21 जून को कर दी गयी थी और महाराष्ट्र पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट करके जानकारी दी कि मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गयी है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए की एक टीम अमरावती पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस के आतंकवाद-निरोधक दस्ते (एटीएस) की एक टीम भी अमरावती शहर पहुंच रही है। कोल्हे की हत्या राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी की गला रेतकर हत्या किये जाने और इसकी ऑनलाइन वीडियो पोस्ट करने से एक सप्ताह पहले की गयी थी।
एनआईए उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल की हत्या की भी जांच कर रही है। राज्य पुलिस के अनुसार, कोल्हे की हत्या 21 जून की रात 10 बजे से 10.30 बजे के बीच उस दौरान की गई थी, जब वह अपनी दुकान बंद कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहे थे। अमरावती की पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने पहले कहा था, ‘‘केमिस्ट की हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मुख्य आरोपी इरफान खान (32) की तलाश जारी है, जो एक गैर-सरकारी संगठन चलाता है।’’
सिटी कोतवाली पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उमेश की अमरावती शहर में एक दवा की दुकान थी। उसने नुपुर शर्मा के समर्थन में कुछ व्हाट्सएप समूह में एक पोस्ट कथित तौर पर साझा किया था। उमेश ने गलती से यह पोस्ट एक ऐसे व्हाट्सएप समूह में भेज दिया था, जिसमें दूसरे समुदाय के सदस्य भी थे।’’
अधिकारी के मुताबिक, इरफान खान नामक एक व्यक्ति ने उमेश की हत्या की कथित तौर पर साजिश रची और इसके लिए पांच लोगों की मदद ली। उन्होंने बताया कि इरफान ने उन पांच लोगों को 10-10 हजार रुपये देने और एक कार में सुरक्षित रूप से फरार होने में मदद करने का वादा किया था।