पाकिस्तान का लड़का?, उस्मान ख्वाजा का बड़ा आरोप- पाकिस्तानी और मुस्लिम के कारण थोड़ा अलग व्यवहार किया गया, वीडियो

मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं। मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़ते हैं।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 2, 2026 11:36 IST2026-01-02T11:35:02+5:302026-01-02T11:36:13+5:30

watch Usman Khawaja announces Pakistani boy big allegation treated little differently because Muslim, video Australia’s FIRST Muslim cricketer | पाकिस्तान का लड़का?, उस्मान ख्वाजा का बड़ा आरोप- पाकिस्तानी और मुस्लिम के कारण थोड़ा अलग व्यवहार किया गया, वीडियो

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Highlights‘नस्लीय’ रूढ़िवादिता की भी आलोचना की।39 वर्षीय ख्वाजा ने शुक्रवार को इस फैसले की पुष्टि की।टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।

सिडनीः उस्मान ख्वाजा ने कहा कि सिडनी में क्रिकेट को अलविदा कहेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। 39 वर्षीय ख्वाजा ने शुक्रवार को इस फैसले की पुष्टि की, जिससे उनके भविष्य को लेकर महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। अगर चयन होता है, तो रविवार से शुरू होने वाला सिडनी टेस्ट आखिरी मैच होगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी ख्वाजा ने संन्यास की घोषणा करते हुए ‘नस्लीय’ रूढ़िवादिता की भी आलोचना की जिसका अनुभव उन्होंने अपने करियर के दौरान किया था।

ख्वाजा ने कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पाकिस्तानी और मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण उनके साथ ‘‘अभी भी थोड़ा अलग व्यवहार किया जाता है।’’ ख्वाजा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं। मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़ते हैं।

मुझे लगभग पांच दिनों तक आलोचना का सामना करना पड़ा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी...हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते। ये वो बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं।’’

पर्थ मैच से पहले ख्वाजा की आलोचना हुई क्योंकि उन्होंने दो बार गोल्फ खेला और वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया। कुछ लोगों का मानना था कि गोल्फ ही उनकी पीठ की समस्या का कारण हो सकता है। ख्वाजा ने कहा, ‘‘मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ी गोल्फ खेल कर चोटिल हो गए लेकिन आप लोगों ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा।

मैं आपको ऐसे भी उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ियों ने मैच से पहले की रात को खूब बियर पी और वे अस्वस्थ हो गए लेकिन उनके बारे में भी कुछ नहीं कहा गया लेकिन जब मैं चोटिल हुआ तो मेरी प्रतिबद्धता और एक व्यक्ति के रूप में मेरी छवि पर सवाल उठा दिए गए।’’ ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पता था कि उनके करियर का अंत निकट है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस श्रृंखला के शुरू होने से पहले ही मुझे अंदाजा हो गया था कि यह मेरी अंतिम श्रृंखला होगी। मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले रहा हूं।’’ ख्वाजा ने कहा, ‘‘मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इतने सारे मैच खेलने का मौका मिला। मुझे उम्मीद है कि मैंने इस दौरान लोगों को प्रेरित किया होगा।’’

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने एक बयान में कहा, ‘‘उस्मान ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और उनकी सफलता का प्रमाण यह है कि उन्हें उसी सत्र में आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर नामित किया गया था जब ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (2023 में) जीती थी।’’

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