12 अक्टूबर 2024 से 23 पारियों में एक भी फिफ्टी नहीं?, 23 जनवरी को भारत राहत?, रायपुर और गुवाहाटी में रन बरसा, नाबाद रन 139, गेंद 63, चौका 15 और छक्का 7

जैक फाक्स ने 12 गेंद में 41 रन लुटाए जबकि अनुभवी मैट हेनरी की छह गेंद में 14 और और जैकब डफी की 11 गेंद में 16 रन बने।

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 26, 2026 19:25 IST2026-01-26T19:23:41+5:302026-01-26T19:25:54+5:30

surya kumar yadav Not single fifty in 23 innings since October 12, 2024 India relief January 23, 2026 Runs Raipur Guwahati, 139 not out 63 balls, 15 fours and 7 sixes | 12 अक्टूबर 2024 से 23 पारियों में एक भी फिफ्टी नहीं?, 23 जनवरी को भारत राहत?, रायपुर और गुवाहाटी में रन बरसा, नाबाद रन 139, गेंद 63, चौका 15 और छक्का 7

Suryakumar

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Highlightsखिलाड़ी की खुली तारीफ थी जो बल्ले से कुछ कमाल के कारनामे कर सकता है।अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले कप्तान का फॉर्म में लौटना सबसे अच्छा संकेत है। मुंबई के इस खिलाड़ी को पहली 10 गेंद के अंदर 15 बार तेज गेंदबाजों ने आउट किया था।

विशाखापत्तनमः गुवाहाटी में भारत के 154 रन के लक्ष्य को 10 ओवर में शानदार तरीके से पूरा करने के कुछ ही देर बाद न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल भागकर कप्तान सूर्यकुमार यादव के पास पहुंचे और मजाक में उनके बल्ले की जांच करने लगे। सूर्यकुमार ने 26 गेंद में 57 रन बनाए थे। रायपुर में 37 गेंद में 82 रन बनाने के बाद यह लगातार दूसरे मैच में उनका दूसरा अर्धशतक था। शायद मिचेल सिर्फ सूर्यकुमार के बल्ले की बनावट और खासियत देख रहे थे या यह उस खिलाड़ी की खुली तारीफ थी जो बल्ले से कुछ कमाल के कारनामे कर सकता है।

23 जनवरी तक स्थिति अलग थी

जब सूर्यकुमार लय में होते हैं तो उनका ऐसा ही असर प्रशंसकों और प्रतिद्वंद्वी टीम पर होता है जिससे सभी हैरान होकर तारीफ करने लगते हैं। लेकिन टीम प्रबंधन भी राहत महसूस कर रहा होगा। अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले कप्तान का फॉर्म में लौटना सबसे अच्छा संकेत है। लेकिन 23 जनवरी तक स्थिति अलग थी।

सूर्यकुमार 12 अक्टूबर 2024 से 23 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए थे और इस दौरान उनके नाम सिर्फ एक 40 से ज्यादा और एक 30 से ज्यादा रन का स्कोर था। इसमें एक और चिंताजनक बात यह थी कि मुंबई के इस खिलाड़ी को पहली 10 गेंद के अंदर 15 बार तेज गेंदबाजों ने आउट किया था।

10 गेंद में 10 रन बनाए और 100 के स्ट्राइक-रेट

लेकिन रायपुर में दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का जल्दी आउट होना फायदेमंद साबित हुआ। जब सलामी बल्लेबाज 1.1 ओवर में पवेलियन लौट गए तो सूर्यकुमार को पारी को संभालने की जरूरत थी। उन्होंने धीमी शुरुआत की, 10 गेंद में 10 रन बनाए और 100 के स्ट्राइक-रेट से रन बनाना उनके लिए सामान्य नहीं है।

मैट हेनरी की छह गेंद में 14 और और जैकब डफी की 11 गेंद में 16 रन बने

लेकिन एक बार जब उन्होंने पिच और गेंदबाजों की गति को समझ लिया तो सूर्यकुमार अपने चिर परिचित अंदाज में आ गए और अगली 27 गेंद में 72 रन बना डाले। उन्होंने तेज गेंदबाजों को बुरी तरह धो दिया। जैक फाक्स ने 12 गेंद में 41 रन लुटाए जबकि अनुभवी मैट हेनरी की छह गेंद में 14 और और जैकब डफी की 11 गेंद में 16 रन बने।

कभी-कभी, आगे बढ़ने के लिए थोड़ी किस्मत की जरूरत होती

महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने रायपुर में उस पारी के अहमियत बताते हुए कहा, ‘‘उस पारी ने उन्हें वही आत्मविश्वास दिया जिसकी उन्हें जरूरत थी। फॉर्म में कमी नहीं थी बल्कि रनों की कमी थी। वह नेट्स में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्हें वहां कोई दिक्कत नहीं हो रही थी। ’’ उन्होंने मेजबान प्रसारक से कहा, ‘‘बस मैच में ये उनके लिए काम नहीं कर रहा था।

कभी-कभी, आगे बढ़ने के लिए थोड़ी किस्मत की जरूरत होती है। इस बार उन्हें किस्मत की भी जरूरत नहीं पड़ी। वह पारी ठीक वैसी ही थी जैसी उन्हें चाहिए थी। उसका आत्मविश्वास वापस आ गया है। ’’ और यह रविवार को बारसपारा स्टेडियम में तीसरे मैच में जिस तरह से उसने बल्लेबाजी की, उससे साफ पता चल रहा था। इस बार सूर्यकुमार एक अलग स्थिति में बल्लेबाजी करने आए।

सिर्फ 3.2 ओवर में 53 रन पर दो विकेट गंवा चुका था

भारत 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 3.2 ओवर में 53 रन पर दो विकेट गंवा चुका था। सूर्यकुमार के पास क्रीज पर जमने के लिए काफी समय था। और उन्होंने आठ गेंद में आठ रन बनाए। साथ ही धुआंधार बल्लेबाजी कर रहे अभिषेक शर्मा को अपना काम करने दिया।

ग्लेन फिलिप्स की पांच गेंद में 15 रन, ईश सोढ़ी की आठ गेंदों में 14 और मिचेल सैंटनर की आठ गेंद में 18 रन बनाए

सूर्यकुमार ने कभी भी अपने युवा जोड़ीदार से आगे निकलने की कोशिश नहीं की जो 345 के स्ट्राइक-रेट से रन बना रहा था। लेकिन 35 साल के खिलाड़ी ने समझदारी से गेंदबाजों को चुना, इस बार स्पिनरों को। ग्लेन फिलिप्स की पांच गेंद में 15 रन, ईश सोढ़ी की आठ गेंदों में 14 और मिचेल सैंटनर की आठ गेंद में 18 रन बनाए।

यह साफ संकेत था कि सूर्यकुमार ने अपनी लय हासिल कर ली है। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने एक चैट शो के दौरान कहा, ‘‘ऐसा लगा कि उन्हें अहसास हो गया कि उन्हें क्रीज में कुछ समय बिताना होगा। आपको यह मानना ​​होगा कि आपको रनों की जरूरत है। इसलिए जमीन पर ज्यादा शॉट खेलने होंगे और ज्यादा मौके नहीं लेने होंगे। ’’ 

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