जावेद मियांदाद ने धार्मिक भेदभाव के दानिश कनेरिया के दावे को बताया झूठा, कहा, 'कनेरिया पैसे के लिए कुछ भी बोल सकते हैं'

Danish Kaneria: पाकिस्तान क्रिकेट टीम में अपने साथ धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाने वाले दानिश कनेरिया के दावों को जावेद मियांदाद ने बताया झूठा

By अभिषेक पाण्डेय | Updated: December 28, 2019 12:05 IST2019-12-28T12:05:16+5:302019-12-28T12:05:16+5:30

Danish Kaneria will say anything for money, says Javed Miandad | जावेद मियांदाद ने धार्मिक भेदभाव के दानिश कनेरिया के दावे को बताया झूठा, कहा, 'कनेरिया पैसे के लिए कुछ भी बोल सकते हैं'

जावेद मियांदाद ने दानिश कनेरिया के धार्मिक भेदभाव के आरोपों को बताया झूठा

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Highlightsजावेद मियांदाद ने दानिश कनेरिया के धार्मिक भेदभाव के आरोपों को बताया झूठामियांदाद ने कहा कि अगर ऐसा होता तो कनेरिया पाकिस्तान के लिए 10 साल टेस्ट नहीं खेल पाते

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं। शोएब अख्तर ने हाल ही में दावा किया था कि कनेरिया को अपने धर्म (हिंदू) होने की वजह से पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में भेदभाव का सामना करना पड़ा था। 

कनेरिया ने अख्तर के दावे को सही बताते हुए कहा था कि वह जल्द ही उनके साथ भेदभाव करने वाले खिलाड़ियों के नामों का खुलासा करेंगे।

अब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने दानिश कनेरिया के उनके साथ भेदभाव के दावों को झूठा करार दिया है। मियांदाद ने कनेरिया की आलोचना करते हुए कहा है कि क्रिकेट जगत में उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है और वह पैसे के लिए कुछ भी बोल सकते हैं।

जावेद मियांदाद ने बताया दानिश कनेरिया के दावे को झूठा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जावेद मियांदाद ने कहा, 'मुझे नहीं समझ आता कि वे क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अगर आप कनेरिया की बात करें तो, वह पैसे के लिए कुछ भी कहेंगे क्योंकि क्रिकेट में उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।'  

मियांदाद ने कहा, 'आप किसी ऐसे व्यक्ति पर कैसे यकीन कर सकते हैं जो क्रिकेट में भ्रष्टाचार को लेकर आजीवन बैन झेल रहा है? मैं 2000 में पाकिस्तान टीम का मुख्य कोच था और कनेरिया टीम में थे और मुझे एक भी ऐसी घटना नहीं याद है, जहां उनके हिंदू होने की वजह से कभी कोई मुद्दा उठा हो।'

'कनेरिया का धार्मिक भेदभाव का दावा गलत'

मियांदाद ने कहा, 'पाकिस्तान ने उन्हें इतना सम्मान दिया है और उन्होंने 10 साल टेस्ट क्रिकेट खेला है। क्या ऐसा संभव होता अगर उनके धर्म को लेकर कोई मुद्दा होता? तो ऐसा कैसे हो सकता है कि उन्हें अपने धर्म की वजह से कभी भी पक्षपात का सामना करना पड़ा हो।'

इस पूरे मामले को लेकर कनेरिया ने बाद में कहा, 'मैं एक गौरवान्ति हिंदू और पाकिस्तानी हूं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि पाकिस्तान के क्रिकेट जगत को नकारात्मक दिखाने की कोशिश न करें क्योंकि ऐसे कई लोग थे जिन्होंने मेरे धर्म के बावजूद मेरा समर्थन किया था।'  

यूसुफ योहाना के धर्म परिवर्तन को लेकर कनेरिया ने कहा, 'मोहम्मद यूसुफ ने जो किया वह उनका निजी फैसला था, लेकिन मुझे कभी भी ऐसा नहीं लगा कि मुझे अपना धर्म परिवर्तन करने की जरूरत है, मुझे इसमें यकीन है और किसी ने मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर भी नहीं किया।' 

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