लाइव न्यूज़ :

US tariff impact: आयातित सामानों पर 50 प्रतिशत शुल्क, संकट में मेंथा उद्योग, 10 लाख से ज्यादा किसान और श्रमिक पर आजीविका खतरा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 30, 2025 18:35 IST

US tariff impact: उत्पाद जिसकी कीमत 20 डॉलर है, 50 प्रतिशत शुल्क के कारण रातों रात 30 डॉलर का हो गया। वहां के खरीदार यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत से 30 डॉलर का उत्पाद कैसे खरीदा जाए। इसलिए, ऑर्डर रुके हुए हैं।

Open in App
ठळक मुद्देकारखाने में माल बन रहा है, और हमें नहीं पता कि यह कब बाहर जाएगा।किसानों और श्रमिकों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को भी रेखांकित किया। मुझे लगता है कि उन्हें अपनी लागत भी वापस नहीं मिलेगी।

रामपुरः अमेरिका के भारत से आयातित सामानों पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के कारण मेंथा तेल उद्योग एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। निर्यातकों ने कहा कि इस शुल्क के कारण उद्योग पर निर्भर हजारों किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है। मेंथा तेल एक सुगंधित यौगिक है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है। एक प्रमुख निर्यातक अमृत कपूर ने बताया कि कई ऑर्डर रोक दिए गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने लागत पर पड़ने वाले सीधे असर के बारे में कहा, ''हमारा एक उत्पाद जिसकी कीमत 20 डॉलर है, 50 प्रतिशत शुल्क के कारण रातों रात 30 डॉलर का हो गया। वहां के खरीदार यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत से 30 डॉलर का उत्पाद कैसे खरीदा जाए। इसलिए, ऑर्डर रुके हुए हैं।

कारखाने में माल बन रहा है, और हमें नहीं पता कि यह कब बाहर जाएगा।'' कपूर ने किसानों और श्रमिकों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ''10 लाख से ज्यादा किसान भाई इस उद्योग से जुड़े हैं। उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाएगा, और मुझे लगता है कि उन्हें अपनी लागत भी वापस नहीं मिलेगी।''

उन्होंने रोजगार के बारे में भी चिंता जताते हुए कहा, ''अगर अमेरिका का यह व्यवहार जारी रहता है और हमारा उत्पादन कम होता है, तो हो सकता है कि आने वाले समय में हमें कारखानों में श्रमिकों की संख्या कम करनी पड़े।'' भारतीय उद्योग महासंघ की रामपुर इकाई के अध्यक्ष शिरीष गुप्ता ने इस शुल्क को दबाव बनाने की रणनीति बताया और सरकार की प्रतिक्रिया पर विश्वास व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ''सरकार को उन उद्योगों के लिए योजनाएं बनानी चाहिए जो शुल्क के कारण खतरे में हैं, ताकि वे बंद न हों और लोगों की आजीविका पर संकट न आए।'' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह एक अस्थायी चरण है और जल्द ही एक सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।

टॅग्स :अमेरिकाडोनाल्ड ट्रंपरामपुरउत्तर प्रदेश
Open in App

संबंधित खबरें

भारतउत्तर प्रदेश में आलू किसानों की ख्वाहिशें तोड़ रही हैं दम! पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल और खाड़ी देशों में नहीं भेजा गया आलू

भारतहमीरपुर में यमुना नदी में पलटी नाव, 5 बच्चों सहित 6 लोग लापता; तलाश में जुटी NDRF की टीमें

भारतअखिलेश यादव का आरोप, 'केंद्रीय बलों से नतीजे बदले गए', बंगाल से की तुलना

भारतबंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को बधाई दी

भारतक्षमा-करुणा ही बुद्ध की वास्तविक ताकत, शांति, सह-अस्तित्व और करुणा विषय पर विचार गोष्ठी

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारGold Rate Today: 8 मई 2026 को दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने का भाव

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: 8 मई की सुबह अपडेट हो गई ईंधन की नई कीमतें, बस एक क्लिक से करें चेक

कारोबारIncome Tax 2026: क्या आप भी टैक्स स्लैब बदलने की सोच रहे हैं? फैसला लेने से पहले अपनी सैलरी का यह गणित समझें

कारोबारGold Rate Today: 7 मई 2026 को सोना हुआ महंगा, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,55,830 प्रति 10 ग्राम

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: OMC ने अपडेट किए लेटेस्ट फ्यूल रेट, फटाफट करें चेक