उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की ख्वाहिशें तोड़ रही हैं दम! पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल और खाड़ी देशों में नहीं भेजा गया आलू

By राजेंद्र कुमार | Updated: May 8, 2026 18:15 IST2026-05-08T18:15:10+5:302026-05-08T18:15:10+5:30

सरकार के इस रुख की चलते आलू ही नहीं गन्ना, गेहूं और चावल की खेती करने वाले किसान परेशान है क्योंकि उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है, जबकि हार साल खाद आदि महंगी होती जा रही है.     

The Hopes of Potato Farmers in Uttar Pradesh Are Fading Away! Potatoes Have Not Been Shipped to West Bengal, Assam, Nepal, or the Gulf Nations | उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की ख्वाहिशें तोड़ रही हैं दम! पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल और खाड़ी देशों में नहीं भेजा गया आलू

उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की ख्वाहिशें तोड़ रही हैं दम! पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल और खाड़ी देशों में नहीं भेजा गया आलू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सब्जी का राजा आलू बेजार है. आलू को खरा सोना मानने वाले किसानों को उनके आलू का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है. परेशान किसानों को दिक्कतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने किसानों से 20 लाख टन आलू खरीदने की अनुमति प्रदेश सरकार को बीते माह दी थी, लेकिन अभी तक एक भी आलू क्रय केंद्र प्रदेश सरकार ने नहीं खोला है. ऐसे में किसानों को पर आलू बेचना पड़ रहा है क्योंकि कोल्ड स्टोर में आलू रखने की जगह नहीं है. 

इस कारण से आलू किसानों की तमाम ख्वाहिशें दम तोड़ रही है और प्रदेश का आलू उत्पादक किसान योगी सरकार से खासा नाराज है. किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के भाषण तो देती है लेकिन किसानों की समस्याओं के प्रति आँख मूँदे रहती है. सरकार के इस रुख की चलते आलू ही नहीं गन्ना, गेहूं और चावल की खेती करने वाले किसान परेशान है क्योंकि उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है, जबकि हार साल खाद आदि महंगी होती जा रही है.     

केंद्र के निर्देश हे बाद भी नहीं खोले गए क्रय केंद्र : 

वर्तमान में किसानों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह किसानों से 20 लाख टन आलू खरीदने के लिए अभी तक आलू क्रय केंद्र ना खोले जाने को लेकर है. किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत बीते माह किसानों से 20 लाख टन आलू खरीदने के लिए क्रय केंद्र खोलने को कहा है. किसानों से आलू खरीदें के लिए 6500.90 रुपए प्रति टन की दर से किसानों से आलू खरीदने के लिए केंद्र सरकार ने 203.15 करोड़ रुपए भी राज्य सरकार को आवंटित किए थे. 

इसके बाद भी प्रदेश में एक भी आलू क्रय केंद्र नहीं खुला गया. जबकि आलू की रिकॉर्ड पैदावार होने के कारण कोल्ड स्टोर में आलू रखने की जगह नहीं बची है. इसके बाद भी किसानों का आलू अभी उनके घरों और खेत में पड़ा है. आलू के वाजिब दाम ना मिलने का कारण किसानों को अपना आलू औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है.जिसके चलते किसानों को घाटा हो रहा है. और तो और अब किसानों को अपने बच्चे की फीस और बेटी की शादी के लिए कर्ज तक लेना पड़ रहा है.  

खेतों में पड़ा है आलू, किसान परेशान

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूपी में आलू बेल्ट के रूप में पहचाने जाने वाले कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा आगरा, अलीगढ़, हाथरस सहित आसपास के जिलों में करीब 2363 कोल्ड स्टोर हैं. यहां 172 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर किया गया  है. किसान बचे हुए आलू को खेत से मंडी में भेजा जा रहा है, लेकिन आलू की पैदावार होने की वजह से आलू के वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है. किसानों का कहना है कि आलू की खेती में प्रति बीघा 12 से 15 हजार रुपए लागत आती है. आलू की खुदाई, उसकी बोरी की पैकिंग और आलू को मंडी तक ले जाने पर ढाई से तीन हजार खर्च हो जाता है. 

अब गर आलू की औसत पैदावार 30 क्विंटल मान लें तो अधिकतम 12 हजार मिलेगा. जाहिर है कि इस दम पर आलू बेचने में किसान को घाटा हो रहा है. आलू किसानों को हो रहे घाटे को लेकर कन्नौज के एक कोल्ड स्टोर के मालिक कहते है कि बंपर पैदावार और दूसरे राज्यों में  निर्यात न होने से समस्या बढ़ी है. इस बार पश्चिम बंगाल,आसाम, नेपाल और खड़ी के देशों में प्रदेश से आलू भेजा नहीं जा सका. इस वजह से भी आलू के दामों कम हुए. 

आलू किसानों को ऐसा घाटा ना झेलना पड़े इसके लिए वर्षों से आलू पाउडर प्रसंस्करण फैक्टरी लगाने की मांग आलू बेल्ट में की जा रही हैं लेकिन योगी सरकार ने इस संबंध में अखिलेश यादव सरकार के लिए गए फैसलों को अभी तक लागू नहीं किया है. कुल मिलाकर सूबे में आलू उत्पादक किसान परेशान है. किसानों की परेशानी को लेकर जब कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से क्रय केंद्र खोलने में हो रहे विलंब को लेकर पूछा गया तो उन्होने कहा कि  क्रय केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही क्रय केन्द्र खुल जाएंगे. 

यूपी में आलू उत्पादन की स्थिति

इस वर्ष आलू का कुल उत्पादन : 253 लाख मीट्रिक टन (अनुमानित)
पिछले वर्ष आलू का उत्पादन : 242 लाख मीट्रिक टन
गत वर्ष आलू का भण्डारण : 159 लाख मीट्रिक टन

शीतगृहों की संख्या 2363

कोल्ड स्टोरों में भंडारण क्षमता- 202.99 लाख मीट्रिक टन

Web Title: The Hopes of Potato Farmers in Uttar Pradesh Are Fading Away! Potatoes Have Not Been Shipped to West Bengal, Assam, Nepal, or the Gulf Nations

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