लखनऊः उत्तर प्रदेश में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई. इसी बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को खोलने पर भी मोहर लगाई गई. इसके साथ ही राज्य में सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने वाले निवेशक को विशेष प्रोत्साहन देने के फैसला किया गया.
कैबिनेट के समक्ष रखे गए 14 प्रस्तावों में से 13 को मंजूरी दी गई है. राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, राज्य में पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत देने का फैसला किया गया है. अभी तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयन्स डीड) की भांति स्टाम्प शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है.
कुछ समय पहले स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम 5,000 रुपए ही लिया जाएगा.
यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी. अब इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है. इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी.
मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
इसी प्रकार कैबिनेट ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में पहले से मौजूद 11 जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त कर 500 शैय्या वाला मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाने कोमंजूरी दे दी है. यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा किया जाएगा.
इस परियोजना में 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार (लगभग 189 करोड़ रुपये) और 40 प्रतिशत राज्य सरकार (लगभग 126 करोड़ रुपये) द्वारा वहन करेंगी. सुरेश खन्ना का कहना है कि इस निर्णय से पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
सेमीकंडक्टर निवेश में मेगा प्रोत्साहन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 3,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने मेगा प्रोत्साहन देने का भी फैसला लिया गया है. सुरेश खन्ना का कहना है कि अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है.
इसी क्रम में भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को इस उभरते उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने के लिए योगी सरकार ने केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन देने की स्वीकृति दी है. इसके तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2,000 प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट 2 रुपए बिजली बिल में छूट दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना है.