लाइव न्यूज़ :

पंजाब के वित्त मंत्री ने कोविड इलाज में इस्तेमाल जरूरी उत्पादों पर जीएसटी कम करने को कहा

By भाषा | Updated: May 25, 2021 20:27 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 25 मई जीएसटी परिषद की बैठक से पहले कांग्रेस शासित पंजाब ने कोविड-19 इलाज में उपयोगी जीवन रक्षक उत्पादों पर कर की दर कम किये जाने की मांग की है। साथ ही कर दरों की समीक्षा और छूट, विवाद समाधान निकाय का गठन जैसे लंबित सुधारों को लागू करने तथा राज्यों के राजस्व की कमी की भरपाई के लिये उपाय करने को कहा है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने जीएसटी की न्यूनतम ऊंचे में उसका एक दायरा (बैंड) तय किये जाने पर चर्चा की भी मांग की। इसके तहत राज्यों को उस दायरे के भीतर राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) तय करने की अनुमति दी जानी चाहिये। क्योंकि राज्यों को राजस्व को लेकर जो आश्वासन दिया गया था, वह उसमें करीब 20 प्रतिशत कमी से जूझ रहे हैं।

सीतारमण माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की प्रमुख हैं। परिषद में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

छह पृष्ठ के पत्र में उन्होंने जीएसटी परिषद की राजनीतिक निगरानी के बिना प्रवर्तन के नाम पर नौकरशाहों को जीएसटी नियमों को बदलाव करने की अनुमति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा इस तरह का कदम एक ‘खतरनाक’ उदाहरण पेश करता है।

जीएसटी परिषद की करीब आठ महीने बाद शुक्रवार (28 मई) को बैठक होगी।

बादल ने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक परिधान, डिजिटल थर्मामीटर, प्रयोगशाला सैनिटाइजर / कीटाणुनाशक और पेपर बेड शीट सहित कई सामान पर 20 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क और 18 प्रतिशत तक माल और सेवा कर (जीएसटी) लगता है।

उसके ऊपर, ऐसी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत सामाजिक कल्याण अधिभार लगाया जाता है।

बादल ने कहा, ‘‘कर योग्य मूल्य पर आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी) लगाया जाता है। इसमें आयात शुल्क भी शामिल है। इससे प्रभावी बोझ 2-3 प्रतिशत और बढ़ जाता है।

उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘‘यह चौंकाने वाली बात है कि संकट के बावजूद उन जरूरी सामानों पर इतने उच्च दर से कर लगाया जा रहा है, जो इस जानलेवा बीमारी से उबरने के लिए आवश्यक है।’’

बादल ने कर चोरी को खत्म करने और कर क्रेडिट श्रृंखला को सरल बनाने के लिए कर दरों तथा छूट की समीक्षा और उनके बीच तालमेल बनाने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने एडवांस रूलिंग अथॉरिटी को मजबूत करके जीएसटी को भरोसेमंद बनाने और देश भर में समान रूप से क्रियान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी करने का भी आह्वान किया।

बादल ने संघीय ढांचे को मजबूत करने और राज्यों के साथ प्रभावी विचार-विमर्श के लिये जीएसटी परिषद के उपाध्यक्ष नियुक्त करने और विवाद समाधान व्यवस्था चालू किये जाने की प्रदेशों की बहुप्रतीक्षित मांग का भी जिक्र किया।

उन्होंने न्यूनतम और ऊंची दर का दायरा तय किये जाने पर भी चर्चा की मांग की। इसके तहत राज्यों को जून 2022 के बाद इस दायरे के भीतर अपना राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) तय करने की अनुमति मिल सकती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वट्रंप सरकार को मुनीर से खतरा! ईरान के हितों को बढ़ावा देने का बड़ा आरोप; अमेरिकी रिपोर्ट का दावा

भारतNoida Labour Protest: नोएडा में हिंसक विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, यूपी STF ने तमिलनाडु से दबोचा

विश्वउत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से हड़कंप! जापान और दक्षिण कोरिया हाई अलर्ट पर, PM ताकाइची ने कसी कमर

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की ताजा दरें घोषित, महानगरों में ईंधन के दामों में बड़ा अपडेट

विश्व"ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत", होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान के प्रतिनिधि ने कही ये बड़ी बात

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारMeta layoffs: 20 मई को बड़े पैमाने पर छंटनी में 8,000 कर्मचारियों की नौकरी जाने की संभावना

कारोबारसरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2% महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंज़ूरी दी

कारोबारGold Rate Today: 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने का भाव

कारोबार500 और 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए RBI ने बताए नए नियम! जानें क्या है इस दावे का सच...

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: क्रूड ऑयल के दामों में उछाल जारी, जानें भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कितना हुआ असर