लाइव न्यूज़ :

ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने मीटिंग्स में फाड़ा प्रेजेंटेशन, कर्मचारियों को पंजाबी में बोली अपमानजनक बातें, टीमों को 'निकम्मा' बुलाया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 19, 2022 10:33 IST

एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि ओला इलेक्ट्रिक के अंदर काम काज के तरीके में काफी कुछ बदला है। कंपनी के अंदर का माहौल काफी ज्यादा खराब हो गया है।

Open in App
ठळक मुद्देएक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने कहा कि मीटिंग में भाविश अग्रवाल धैर्य खो देंते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सीईओ भाविश अग्रवाल ने मीटिंग्स में कर्मचारियों को पंजाबी में अपमानजनक बातें कहीं भाविश ने कंपनी में अपनी प्रबंधन शैली को लेकर कि हर कोई हमारे कल्चर में फिट नहीं बैठता है।

नई दिल्लीः  ओला के संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल के क्रूर और अक्खड़ व्यवहार ने कर्मचारियों को अलग-थलग कर दिया और बोर्ड के सदस्यों को परेशान कर दिया। ओला इलेक्ट्रिक और एएनआई टेक्नोलॉजीज के करीब 36 एग्जिक्यूटिव्स ने जॉइनिंग के 1-2 साल के भीतर ही नौकरी छोड़ दी।

एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि ओला इलेक्ट्रिक के अंदर काम काज के तरीके में काफी कुछ बदला है। कंपनी के अंदर का माहौल काफी ज्यादा खराब हो गया है। नाम का खुलासा ना करने की शर्त पर ब्लूमबर्ग को दिए साक्षात्कार में ओला के दो दर्जन से अधिक वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने इसका जिक्र किया है।

बकौल ब्लूमबर्ग, ओला इलेक्ट्रिक के कई पूर्व और मौजूदा कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी में माहौल खराब हुआ है। उनके मुताबिक, सीईओ भाविश अग्रवाल ने मीटिंग्स में कर्मचारियों को पंजाबी में अपमानजनक बातें कहीं और टीमों को 'निकम्मा' बुलाया। उनके अनुसार, खराब पेपर क्लिप या प्रिंटिंग पेपर को लेकर भी भाविश आपा खो देते हैं। 

कर्मचारियों ने बताया कि अग्रवाल ने एक गायब पृष्ठ के कारण प्रेजेंटेशन को फाड़ दिया यही नहीं कर्मचारियों के प्रति पंजाबी विशेषणों का इस्तेमाल किया। कर्मचारियों का कहना है कि एक घंटे के लिए निर्धारित बैठकें अक्सर 10 मिनट में ही खत्म कर दी जाती हैं। मीटिंग में वे  धैर्य खो देंते हैं। ब्लूमबर्ग ने जब इस वर्क कल्चर पर भाविश अग्रवाल से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि  "हर कोई हमारे कल्चर में फिट नहीं बैठता है।" भाविश ने कहा कि काम के माहौल को लेकर कोई विश्व मानक नहीं है। 

रिपोर्ट कहा गया है कि एक बार भाविश ने एक कर्मचारी को कई एकड़ की बड़ी ओला फ्यूचरफैक्ट्री के चारों ओर तीन चक्कर लगाने के लिए कहा। ऐसा उसे इसलिए करने को कहा गया क्योंकि उसने प्रवेश मार्ग को बंद कर दिया था। 

टॅग्स :ओलाहिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबार2024 में 96997 रुपये में खरीदा?, खराब इलेक्ट्रिक स्कूटर बदलिए या पूरा पैसा लौटाए?, उपभोक्ता आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज को दिया ऑर्डर?

भारतक्रांति की भाषा: भगत सिंह और हिंदी का अद्भुत संबंध

भारतभारत टैक्सी से सफर होगा आसान, जानें डाउनलोड प्रोसेस और बुकिंग का तरीका

भारत7 फरवरी को पूरे देश में ओला, उबर, रैपिडो ड्राइवरों की हड़ताल, शोषण और न्यूनतम बेस किराए की कमी के खिलाफ 'ऑल-इंडिया ब्रेकडाउन' का ऐलान

भारतदुनिया में हिंदी का विस्तृत हो रहा आकाश 

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारपश्चिम एशिया में 10,000 से अधिक कर्मचारी?, टाटा समूह ने सहायता योजना की शुरू

कारोबारGold Rate Today: 3 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,50,865 प्रति 10 ग्राम

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?