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Income Tax Slabs 2024-25: इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं, यहां देखें स्लैब की दरें

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 1, 2024 17:09 IST

Income Tax Slabs 2024-25: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयात शुल्क समेत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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ठळक मुद्देआयकर स्लैब की दरें पहले की तरह बनी रहेगी।कर व्यवस्था में कर राहत दी गयी है। सात लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति कर छूट के पात्र होंगे।

Income Tax Slabs 2024-25: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट 2024 पेश किया। हर साल की तरह वेतनभोगी करदाताओं को आयकर राहत की उम्मीद थी, लेकिन उम्मीद को झटका लगा है। पिछले साल के बजट में नई कर व्यवस्था के तहत आयकर स्लैब में कई बदलावों की घोषणा की गई थी। इस साल मीडिल क्लास को कुछ नहीं किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयात शुल्क समेत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि आयकर स्लैब की दरें पहले की तरह बनी रहेगी।

मौजूदा दरें इस प्रकार हैं: पुरानी व्यवस्था के तहत कर दर

शून्य से 2,50,000 रुपये कोई कर नहीं

2,50,001 से 5,00,000 रुपये 5 %

5,00,001 से 10,00,000 रुपये 20%

10,00,001 रुपये से अधिक 30%

नई व्यवस्था के तहत कर दर-

आयकर स्लैब कर दर शून्य से 3,00,000 रुपये कोई कर नहीं

3,00,001 से 6,00,000 रुपये 5%

6,00,001 से 9,00,000 रुपये 10%

9,00,001 से 12,00,000 रुपये 15%

12,00,001 से 15,00,000 रुपये 20%

15,00,001 से अधिक 30%

दोनों कर व्यवस्था में कर राहत दी गयी है। नई कर व्यवस्था के तहत आयकर कानून की धारा 87ए के तहत सात लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति कर छूट के पात्र होंगे। वहीं पुरानी व्यवस्था के तहत कर का भुगतान करने वालों के लिए छूट की सीमा पांच लाख रुपये बनी हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयात शुल्क समेत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि आयकर के मोर्चे पर स्लैब में कोई बदलाव नहीं होगा।

उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि 2014 से आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 2.4 गुना और प्रत्यक्ष कर संग्रह तीन गुना हुआ है। कर रिटर्न के प्रसंस्करण में लगने वाला समय वित्त वर्ष 2013-14 में 93 दिन से कम होकर 10 दिन पर आ गया है।

साथ ही रिफंड तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार 2025-26 तक राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत पर लाने के लिए राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर है। सीतारमण ने यह भी कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में भी अच्छी वृद्धि हुई है। 

टॅग्स :बजट 2024बजटNirmal Sitharamanआयकर
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