लाइव न्यूज़ :

नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों को बिल का भुगतान नहीं हुआ, तो कोई निवेशक नहीं आएगा: सिंह

By भाषा | Updated: December 14, 2021 21:53 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर बिजली मंत्री आर के सिंह ने मंगलवार को नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों के वितरण कंपनियों पर बढ़ते बकाये को लेकर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि अगर निवेशकों को बिजली उत्पादन बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में कोई निवेश नहीं आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में बिजली की स्थिति बेहतर हुई है और गांवों में करीब 22 घंटे और शहरों में 23.5 घंटे बिजली उपलब्ध रह रही है।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से अलग से बातचीत में सिंह ने वितरण कंपनियों के ऊपर नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों के बढ़ते बकाये के बारे में कहा, ‘‘यह चिंता का विषय है। यह राशि 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये है लेकिन यह उनके 11 महीने के बिल के बराबर है।’’

बिजली मंत्रालय की ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार 31 अक्टूबर, 2021 तक वितरण कंपनियों पर नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों का बकाया 19,013 करोड़ रुपये था। यह कुल पिछला बकाया 93,906 करोड़ रुपये का 20 प्रतिशत है।

इस साल जनवरी में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों का वितरण कंपनियों पर बकाया 14,741 करोड़ रुपये था।

रिपोर्ट के अनुसार 19,031 करोड़ रुपये का बकाया उनके औसत मासिक बिल का 11.8 गुना है।

मंत्री ने कहा, ‘‘सीओपी26 (जलवायु परिवर्तन सम्मेलन) के लिहाज से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक काफी महत्वपूर्ण हैं। अगर उन्हें उत्पादित बिजली का भुगतान नहीं हुआ, क्षेत्र में कोई भी निवेश नहीं आएगा। यह हमें कड़े कदम उठाने के लिये मजबूर कर रहा है ताकि ऊर्जा बिल का भुगतान सुनिश्चित हो सके। अगर हमने ऐसा नहीं किया, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश नहीं आएगा, तब हम कैसे 2030 तक 5,00,000 मेगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य हासिल करेंगे....।’’

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 5,00,000 मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा है।

इससे पहले, सिंह ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बिजली की उपलब्धता बेहतर हुई है और गांवों में करीब 22 घंटे तथा शहरों में 23.5 घंटे बिजली मिल रही है।

उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में 2014 के मुकाबले बिजली की उपलब्धता उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।

सिंह ने कहा, ‘‘...हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में सस्ती दर पर सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है...देश ने गांवों और घरों में बिजली पहुंचाने के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है।’’

मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र की कनवर्जेन्स एनर्जी सर्विसेज लि. (सीईएसएल) द्वारा सफलतापूर्वक चलाये जा रहे ग्राम उजाला कार्यक्रम की सराहना की।

इस योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप 10 रुपये की दर से 10 लाख एलईडी बल्ब पांच राज्यों में वितरित किये गये हैं।

सिंह ने स्टार लेबलिंग कार्यक्रम, ‘परफार्म, एचीव ट्रेड’ (पीएटी) जैसी योजनाओं के जरिये बिजली बचत और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी को लेकर ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) की भी सराहना की।

इस मौके पर मंत्री ने 31वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (एनईसीए) और पहले राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता नवोन्मेष पुरस्कार (एनईईआईए) प्रदान किए।

सिंह ने लिथियम आयन ट्रैक्शन बैटरी पैक और प्रणाली के लिये स्टैंडर्ड एंड लेबलिंग कार्यक्रम भी जारी किये।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वउत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से हड़कंप! जापान और दक्षिण कोरिया हाई अलर्ट पर, PM ताकाइची ने कसी कमर

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की ताजा दरें घोषित, महानगरों में ईंधन के दामों में बड़ा अपडेट

विश्व"ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत", होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान के प्रतिनिधि ने कही ये बड़ी बात

पूजा पाठPanchang 19 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 19 April 2026: सफलता या निराशा? जानें आज क्या कहते हैं आपके सितारे, पढ़ें आज का राशिफल

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारMeta layoffs: 20 मई को बड़े पैमाने पर छंटनी में 8,000 कर्मचारियों की नौकरी जाने की संभावना

कारोबारसरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2% महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंज़ूरी दी

कारोबारGold Rate Today: 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने का भाव

कारोबार500 और 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए RBI ने बताए नए नियम! जानें क्या है इस दावे का सच...

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: क्रूड ऑयल के दामों में उछाल जारी, जानें भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कितना हुआ असर