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10 मिनट में नहीं मिलेगा सामान?, ब्लिंकिट ने डिलीवरी सेवा किया बंद, स्विगी जेप्टो, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट भी करेंगे पालन?, सुरक्षा को लेकर श्रम मंत्रालय हस्तक्षेप?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 13, 2026 17:49 IST

श्रम मंत्रालय ने इस संबंध में क्विक कॉमर्स मंचों के साथ चर्चा की, ताकि गिग कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा और कामकाजी परिस्थितियां सुनिश्चित की जा सकें

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ठळक मुद्देदस मिनट में डिलीवरी के वादे के कारण वर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर गिग कर्मियों ने देशव्यापी हड़ताल की थी।कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आय की ओर ध्यान आकर्षित किया। ब्लिंकिट के लिए ऐसी कोई ब्रांडिंग अब वहां मौजूद नहीं है।

नई दिल्लीः इटर्नल के स्वामित्व वाली इकाई ब्लिंकिट ने डिलीवरी कर्मियों के कल्याण से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के बीच सभी मंच से अपना '10 मिनट में' डिलीवरी का दावा हटा लिया है। कंपनी ने अपनी टैग-लाइन को ''10 मिनट में 10,000 से अधिक उत्पाद पहुंचेंगे'' से बदलकर अब ''30,000 से अधिक उत्पाद आपके दरवाजे पर पहुंचेंगे'' कर दिया है। स्विगी और जेप्टो जैसे अन्य ‘क्विक कॉमर्स’ मंच भी इस कदम का अनुसरण कर सकते हैं। यह बदलाव केंद्रीय श्रम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद देखा जा रहा है, जो इतनी कठिन समय सीमा को पूरा करने की कोशिश करने वाले डिलीवरी कर्मियों के कल्याण को लेकर चिंतित था। श्रम मंत्रालय ने इस संबंध में क्विक कॉमर्स मंचों के साथ चर्चा की, ताकि गिग कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा और कामकाजी परिस्थितियां सुनिश्चित की जा सकें।

दस मिनट में डिलीवरी के वादे के कारण वर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर गिग कर्मियों ने देशव्यापी हड़ताल की थी, जिसने कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आय की ओर ध्यान आकर्षित किया। जेप्टो, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के लिए 10 मिनट में डिलीवरी की ब्रांडिंग अभी भी गूगल प्ले स्टोर और आईओएस ऐप स्टोर पर दिखाई दे रही है, लेकिन ब्लिंकिट के लिए ऐसी कोई ब्रांडिंग अब वहां मौजूद नहीं है।

हाल में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर इटर्नल ग्रुप के सीईओ दीपिंदर गोयल ने लिखा था कि 10 मिनट में डिलीवरी का वादा सामान पहुंचाने वालों पर दबाव नहीं डालता है और न ही असुरक्षित ड्राइविंग का कारण बनता है, क्योंकि उन्हें ऐप पर 10 में मिनट का टाइमर नहीं दिखाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि 10 मिनट में या उससे तेज डिलीवरी मुख्य रूप से स्टोर ग्राहकों के करीब होने के कारण होती है, न कि सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के कारण।

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