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Budget 2022: ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम मनरेगा के लिए 73000 करोड़ रुपये

By भाषा | Updated: February 1, 2022 17:19 IST

Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार 2021-22 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 163 लाख किसानों से 1,208 लाख टन गेहूं और धान की खरीद करेगी।

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ठळक मुद्देपूरे देश में रसायन-मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी।वर्ष 2023 को ‘मोटे अनाज का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ घोषित किया गया है।एमएसपी मूल्य का 2.37 लाख करोड़ रुपये खातों में सीधे डाले जाएंगे।

Budget 2022: केंद्र ने मंगलवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2022-23 में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम मनरेगा के लिए 73,000 करोड़ रुपये आवंटित किए। यह मौजूदा वित्त वर्ष के लिये संशोधित आकलन से 25.51 प्रतिशत कम है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल के बजट में भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (मनरेगा) के लिए 73,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। हालांकि, बाद में काम की अधिक मांग के कारण इसे संशोधित कर 98,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

मनरेगा का उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार के लिये कम से कम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करना है, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हों।

पहले चरण में यह योजना दो फरवरी 2006 से 200 सबसे पिछड़े जिलों में लागू की गई थी, बाद में इसे एक अप्रैल, 2007 से 113 और 15 मई 2007 से 17 अतिरिक्त जिलों तक बढ़ा दिया गया था। शेष जिलों को एक अप्रैल, 2008 से अधिनियम के तहत शामिल किया गया था। अधिनियम में अब देश के सभी ग्रामीण जिले शामिल हैं। 

वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान केंद्र देश भर के किसानों को डिजिटल और हाई-टेक सेवाएं मुहैया कराने के लिए किसान ड्रोन, रसायन मुक्त जैविक खेती, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देगा। निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि समावेशी विकास, सरकार की आगे बढ़ने की चार प्राथमिकताओं में से एक है। समावेशी विकास के तहत सरकार फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए 'किसान ड्रोन' के उपयोग को बढ़ावा देगी।

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड के माध्यम से सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई मिश्रित पूंजी के साथ एक कोष की सुविधा भी देगी। वित्तमंत्री ने कहा, ‘‘यह कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप का वित्तपोषण करने के लिए है।’’

टॅग्स :बजट 2022Nirmal Sitharaman
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