Budget 2021: कोरोना संकट और बढ़ी हुई बेरोजगारी के बीच पैसे की तंगी से जूझ रही आम जनता पर महंगाई की मार आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 2021-22 का आम बजट पेश करते हुए पेट्रोल-डीजल पर सेस (उपकर) लगाने की घोषणा की।
पेट्रोल-डीजल पर एग्रिकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाने की घोषणा हुई है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 4 रुपये सेस लगाने का प्रस्ताव पेश किया। निर्मला सीतारमण ने ये घोषणा ऐसे समय में की है जब पहले से ही पेट्रोल-डीजल के दाम काफी बढ़े हुए हैं।
मुंबई में इस समय पेट्रोल करीब 92.80 रुपये और डीजल 83.30 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं दिल्ली में डीजल जहां 76.48 रुपये तो वहीं पेट्रोल 86.30 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।
डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से बढ़ेगी महंगाई
दरअसल, पेट्रोल के बढ़ते दामों की मार जहां आम लोगों की जेब पर सीधे पड़ेगी तो वहीं डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों का भाड़ा बढ़ेगा। इससे निश्चित तौर पर अन्य ढुलाई वाले सामान के दाम बढ़ेंगे और इसका असर आम आदमी की जेब पर भी दिखेगा।
सरकार के सामने भी कोरोना काल की चुनौती खड़ी है। सरकारी खजाना खाली है और ऐसे में सरकार अतिरिक्त राशि इकट्ठा करने की कोशिश में जुटी है।
पेट्रोल-डीजल के अलावा इलेक्ट्रोनिक्स आइटम, मोबाइल फोन, इसके पार्ट्स आदि के दाम बढ़ सकते हैं। सरकार ने मोबाइल पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है।
वहीं, लोहा सहित तांबा, स्टील, सिल्क के कपड़े आदि के दाम घट सकते हैं। सोने-चांदी के भी दाम घटने की उम्मीद है। इन पर कस्टम ड्यूटी को घटाने का सरकार ने ऐलान किया है।