लाइव न्यूज़ :

Budget-2018: पढ़िए मोदी सरकार के बजट से रेल यात्रियों को क्या हैं उम्मीदें?  

By रामदीप मिश्रा | Updated: January 30, 2018 15:27 IST

जिस तरह से साल 2017 में रेल हादसे हुए हैं उस हिसाब से यात्री सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में बजट से उन्हें उम्मीद है कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं पर फोकस करेगी।

Open in App

मोदी सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करने जा रही है। ऐसे में आम से लेकर खास आदमी तक बजट-2018 का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हालांकि अब रेल बजट पेश होने की रवायत खत्म हो गई है, लेकिन फिर भी ट्रेन से यात्रा करने वाले लोग इस बजट से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें आशा है कि इस बार सरकार सुविधाओं के साथ-साथ राहत भी देगी।

सस्ता हो किराया

सरकार के बजट से यात्रियों को उम्मीद है कि इस बार किराये में राहत दी जाएगी और डायनेमिक फेयर सिस्टम को खत्म किया जाना चाहिए। दरअसल, रेल किराए के फ्लेक्सी स्ट्रक्चर से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार इस साल कुछ राहत का ऐलान कर सकती हैं।

Budget 2018: क्या 'पटरी' पर दौड़गी रेलवे, मोदी सरकार यात्रियों को करा सकती है सुहाना सफर

तत्काल टिकट रिफंड 

मोदी सरकार रेल यात्री मांग करते आए है कि तत्काल टिकट को कैंसिल कराने पर रिफंड किया जाना चाहिए। साथ ही साथ तत्काल बुकिंग पर लगने वाले अधिक किराए को कम किया जाना चाहिए। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इस बजट में सरकार यात्रियों को राहत दे सकती है।

वीवीआईपी कोटा हो खत्म

रेलवे में रोजाना 60 हजार सीटें वीवीआईपी कैटेगिरी की होती है। ऐसे में यात्रियों की मांग है इसे खत्म किया जाना चाहिए। इसके अलावा आरक्षित वीवीआईपी सीटों में से आधी यात्रियों की के इमरजेंसी में रखी जाएं ताकि असुविधा होने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। यात्रियों का मानना है कि मोदी सरकार वीवीआईपी कल्चर खत्म कर रही है इसलिए रेलवे में आरक्षित वीवीआईपी सीटों को खत्म करने को लेकर विचार करना चाहिए। 

Budget 2018: मोदी सरकार ने 92 साल बाद खत्म कर दी थी रेल बजट की रवायत, जानें-ये 15 रोचक तथ्य

यात्रियों के सुरक्षा को लेकर इंतजाम

जिस तरह से साल 2017 में रेल हादसे हुए हैं उस हिसाब से यात्री सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में बजट से उन्हें उम्मीद है कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं पर फोकस करेगी। वहीं, पिछले साल हुए रेल हादसों की वजह से रेलवे को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था और पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु को इस्तीफा देना पड़ गया था। इसके साथ ही पुराने कोच की जगह एलएचबी कोच लगाए जाएं। 

टॅग्स :बजट 2018इंडियन रेलवेपीयूष गोयल
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारसंसद ने जन विश्वास विधेयक 2026 पारित, 717 अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया, जुर्माने की राशि 1 करोड़ रुपये?

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनावः 23 अप्रैल को मतदान और अभी तक सीट बंटवारा नहीं?, अन्नाद्रमुक-बीजेपी में गठजोड़, 23 मार्च को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल देंगे धार?

भारतयुद्ध से निर्मित निर्यात चुनौतियों से निपटना आसान नहीं

कारोबारUS-India Trade Deal: संतुलन साधने का प्रयास है अमेरिकी समझौता

कारोबारभारत के साथ कारोबार बढ़ाने को लेकर बेताब दुनिया

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी

कारोबारGold Rate Today: 4 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,52,650 प्रति 10 ग्राम

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: कहीं महंगा तो कहीं स्थिर; OMC ने दी 4 अप्रैल के पेट्रोल-डीजल रेट की अपडेट, पूरी लिस्ट यहां