America said, India's digital service tax is discriminatory | अमेरिका ने कहा, भारत का डिजिटल सेवा कर भेदभावपूर्ण
अमेरिका ने कहा, भारत का डिजिटल सेवा कर भेदभावपूर्ण

वाशिंगटन, 12 जनवरी अमेरिका ने कहा कि है कि भारत का डिजिटल सेवा कर भेदभावूपर्ण है और इसका अमेरिकी कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उसने यह भी कहा है कि उसके व्यापार कानून के तहत इसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के व्यापार कानून की धारा 301 के तहत कार्रवाई की जिम्मेदारी आगामी बाइडेन सरकार पर छोड़ दी है।

डिजिटल सेवा कर (डीएसटी) मामले की जांच के बाद संघीय रजिस्टर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने कहा कि उसने इस मामले में भारत सरकार के साथ पांच नवंबर, 2020 को संपर्क किया।

भारत ने पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को कहा कि दो प्रतिशत डिजिटल कर अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ भेदभाव नहीं करता क्योंकि यह यह सभी प्रवासी ई-वाणिज्य कंपनियों पर लागू होता है, भले ही वे किसी भी देश के क्यों न हो।

यूएसटीआर ने रिपार्ट में डिजिटल सेवा कर को अमेरकी कंपनियों पर बोझ बढ़ाने वाल बताया है।

डिजिटल सेवा कर के तहत भारत में पेश की जाने वाली डिजिटल सेवाओं से अर्जित कमाई पर 2 प्रतिशत कर लगाया जाता है। यह कर प्रवासी कंपनियों पर लगाया गया है। यह कर एक अप्रैल, 2020 से प्रभावी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: America said, India's digital service tax is discriminatory

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