लाइव न्यूज़ :

वरुण कपूर का ब्लॉग: फिशिंग हमले के बदलते तरीके

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: December 9, 2018 18:02 IST

फिशिंग हमलों के लिए वर्तमान में नए-नए तरीकों का उपयोग किया जा रहा है। वास्तविक दुनिया के अपराधियों के विपरीत, साइबर ठग ज्यादा कल्पनाशील और रचनात्मक होते हैं।

Open in App

 फिशिंग हमलों के लिए वर्तमान में नए-नए तरीकों का उपयोग किया जा रहा है। वास्तविक दुनिया के अपराधियों के विपरीत, साइबर ठग ज्यादा कल्पनाशील और रचनात्मक होते हैं। इसका कारण एक तो यह है कि वे तकनीक के जानकार होते हैं, और दूसरा यह कि अपनी कुटिल योजनाओं की सफलता के लिए उन्हें रचनात्मकता की जरूरत पड़ती है। यदि वे पुरानी प्रक्रियाओं का ही बार-बार अनुसरण करेंगे तो आम नागरिक कभी न कभी उनके इरादों से सतर्क हो ही जाएंगे। इसलिए कुटिल साइबर ठग अपने तरीके बदलते रहते हैं, ताकि न सिर्फ नागरिकों को बेवकूफ बना सकें बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी भ्रमित करने की कोशिश कर सकें। 

साइबर अपराध के लिए अपनाए जाने वाले नए तरीके प्राय: फिशिंग हमले से जुड़े होते हैं। चूंकि ऐसे हमले आम तौर पर नागरिकों की वित्तीय धोखाधड़ी से ही जुड़े होते हैं, कहा जा सकता है कि साइबर दुनिया में हर तरह के वित्तीय लेन-देन के दौरान नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। एक चालाक साइबर अपराधी न सिर्फ अपनी तकनीक में परिवर्तन करता है, बल्कि निदरेष लोगों को फंसाने के लिए ताजा विषयों और मुद्दों का भी उपयोग करता है। ऐसे मुद्दे जनता की कल्पनाशीलता को पकड़ लेते हैं क्योंकि वे उनके विषय में सुन चुके होते हैं।  ऐसे ही एक मामले के बारे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मुङो कुछ माह पूर्व बताया था। कुछ माह पूर्व विभिन्न सेवाओं के साथ आधार कार्ड को जोड़ने का मुद्दा आम था। आधार लिंकिंग को लेकर इतने सारे निर्देश थे कि आम नागरिक इससे भ्रमित हो सकते थे। पहले लोगों को अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करने का निर्देश आया, इसके बाद पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने का फरमान जारी हुआ और फिर मोबाइल सिम को आधार से लिंक करने के लिए कहा गया। इतने सारे निर्देश लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे थे। 

इसी का फायदा उठाने की कोशिश साइबर अपराधी कर रहे थे। संबंधित पुलिस अधिकारी को एक बार फोन आया कि क्या उनका डेबिट कार्ड आधार कार्ड से लिंक है? वे अनुभवी पुलिस अधिकारी भी उलझन में पड़ गए। पैन कार्ड, बैंक खाता और सिम कार्ड को आधार से लिंक करने के निर्देशों के बीच, उन्हें लगा कि हो सकता है डेबिट कार्ड को भी लिंक कराने की जरूरत हो! वे झांसे में आ गए और तब साइबर ठगों ने उनसे एक-एक करके उनके कार्ड के डिटेल्स लेना शुरू किया। उसी दौरान अचानक पुलिस अधिकारी को लगा कि कुछ तो गड़बड़ है और उन्होंने सुरक्षा से संबंधित कुछ सवाल पूछे (आखिरकार वे पुलिसिया दिमाग वाले थे)। वे भाग्यशाली थे कि ऐन समय पर बच गए, लेकिन सभी ऐसे भाग्यशाली नहीं होते और अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठते हैं।  इसलिए, हमें साइबर अपराधियों की इस नई चाल को समझ कर उससे बचना चाहिए। साइबर दुनिया में किसी भी जानकारी की विश्वसनीय तरीके से पुष्टि करना बहुत जरूरी है।

टॅग्स :क्राइम
Open in App

संबंधित खबरें

भारतPune Minor Girl Case: 'दोषी को मिले मौत की सजा', नसरपुर केस पर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान

भारतबिहार के अररिया जिले में एकतरफा इश्क में पागल युवक ने अपनी ही पड़ोस की नाबालिग प्रेमिका की गोली मारकर की हत्या

क्राइम अलर्टHyderabad News: प्रेम प्रसंग में खूनी खेल; पहले पीछा किया, फिर चाकू से वार कर ली इंजीनियरिंग छात्र की जान

भारतमुंबई में परिवार की मौत का रहस्य और गहराया, FSL को तरबूज में चूहे का ज़हर मिला

भारतबिहार के नवादा जिले में 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ 5 युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के परिवार से मांगे 10 हजार रुपये

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु की राजनीति में आया एक नया मोड़, TVK प्रमुख विजय 118 विधायकों का समर्थन साबित करने में रहे नाकाम, अब 9 मई को नहीं ले पाएंगे सीएम पद की शपथ?

भारतबिहार के कटिहार जिले में बच्चों को तालीम देते-देते मदरसा शिक्षक अपनी सहयोगी महिला शिक्षक के साथ फरमाने लगे इश्क, पकड़े गए आपत्तिजनक स्थिति में

भारतDadadham Intercity: फिर चलना तो दूर, ट्रेन नंबर ही छीन गया, दादाधाम इंटरसिटी के साथ भद्दा मजाक

भारतTVK प्रमुख विजय शनिवार सुबह 11 बजे लेंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ, आखिरकार जुटा लिया बहुमत का आंकड़ा

भारत'BJP ने चुनाव चोरी करने का सिस्टम बना लिया है', राहुल गांधी का बड़ा आरोप...