बिहार के नवादा जिले में 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ 5 युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के परिवार से मांगे 10 हजार रुपये
By एस पी सिन्हा | Updated: May 7, 2026 17:14 IST2026-05-07T17:14:01+5:302026-05-07T17:14:12+5:30
पीड़िता के अनुसार, एक आरोपी ने उसे वॉयस मैसेज भेजकर गांव के एक खेत में बुलाया था। वहां पहले से मौजूद मुख्य आरोपी ने अपने चार अन्य साथियों को भी बुला लिया और सभी ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

बिहार के नवादा जिले में 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ 5 युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के परिवार से मांगे 10 हजार रुपये
पटना: बिहार में नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र से एक ह्रदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 26 अप्रैल की रात एक 14 वर्षीय नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ पांच युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बहशियों ने न केवल इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। वीडियो वायरल होते ही इसकी भनक पीड़िता के परिजनों को लगी। पीड़िता के अनुसार, एक आरोपी ने उसे वॉयस मैसेज भेजकर गांव के एक खेत में बुलाया था। वहां पहले से मौजूद मुख्य आरोपी ने अपने चार अन्य साथियों को भी बुला लिया और सभी ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए। घर पहुंचकर छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई, लेकिन लोक-लाज और आरोपियों के सामाजिक दबाव के कारण मामला छह दिनों तक 'पंचायती' के फेर में उलझा रहा। अंत में 3 मई को पीड़िता के परिवार ने हिम्मत दिखाई और शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात मुख्य आरोपी, जो कि एक 17 वर्षीय नाबालिग बताया जा रहा है, को गिरफ्तार कर लिया।
दर्ज एफआईआर में चार आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि एक अन्य अज्ञात की तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट, सामूहिक दुष्कर्म और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भेजकर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पीड़िता को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश कर उसकी काउंसलिंग कराई गई और नवादा सदर अस्पताल में मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके साथ ही, न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराया गया है ताकि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस घटना का एक दुखद पक्ष यह है कि आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के परिवार से 10 हजार रुपये की मांग की थी। वहीं, पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।