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गैर कश्मीरियों को कश्मीर से दूर रखने की कोशिश है कृष्णा ढाबे पर हुआ हमला!

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: March 1, 2021 14:00 IST

आतंकी हमले में घायल कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे की मौत हो गई है. आकाश मेहरा जम्मू के निवासी थे और डोमिसाइल के लिए आवेदन कर रहे थे.

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ठळक मुद्दे17 फरवरी को कृष्णा ढाबा पर हुआ था आतंकी हमला, रविवार को हुई मालिक के बेटे की मौतपिछले साल 31 दिसंबर को सैनिक कॉलोनी के रहने वाले सुनार सतपाल की पिछले साल हुई थी हत्याताजा हालात को देखें तो आतंकियों का मकसद गैर कश्मीरियों को डराने का है

कश्मीर के सबसे प्रसिद्ध कृष्णा ढाबे पर हुआ आतंकी हमला और परिणामस्वरूप ढाबा मालिक के बेटे की मौत को कश्मीर में जारी आतंकी घटनाओं में से एक नहीं कहा जा सकता बल्कि इस हमले के पीछे कई संदेश हैं।

सबसे बड़ा संदेश इस हमले के तुरंत बाद आतंकियों ने खुद हमले की जिम्मेदारी लेते हुए जो प्रेस नोट जारी किया था, उसी में था। मुस्लिम जांबाज फोर्स ने जिम्मेदारी लेने के साथ ही उन गैर कश्मीरियों को चेतावनी दी थी जो कश्मीर में रहते हुए डोमिसाइल सर्टिफिकेट पाना चाहते थे।

दरअसल, अलगाववादियों व आतंकियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले को अभी भी नहीं माना है जिसके तहत 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को धारा 370 के तहत जो विशेषाधिकार मिले हुए थे, उसे हटा लिया गया था।

अक्टूबर 2019 में भी आतंकियें ने 5 प्रवासी श्रमिकों को मौत के घाट उतारा था। 5 अगस्त 2019 के बाद कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे आकाश मेहरा की मौत दूसरी ऐसी हत्या थी जो जम्मू के निवासी थे और कश्मीर में रहते हुए डोमिसाइल के लिए आवेदन कर रहे थे। 

इससे पहले सैनिक कॉलोनी के रहने वाले सुनार सतपाल सिंह की 31 दिसम्बर को कश्मीर में हत्या कर दी गई थी जिसने डोमिसाइल प्रमाण पत्र की मांग की थी।

इतना जरूर है कि अधिकारी इस हमले को आने वाली गर्मियों में आने वाले खतरे से जोड़ कर देखते हैं। मुस्लिम जानबाज फोर्स ने हालांकि सीधे तौर पर पर्यटकों को अपने धमकी भरे पत्र में कोई चेतावनी नहीं दी है। गैर कश्मीरियों को कश्मीर से दूर रहने की सलाह को हालांरकि अधिकारी चेतावनी के तौर पर लेते हुए कहते थे कि इन गर्मियों में कश्मीर के हालात ज्यादा चुनौतिपूर्ण हो सकते हैं।

इसी चुनौती से निपटने की रणनीति तैयार करते हुए कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार खुलासा करते हुए कह चुके हैं कि ‘हैं तैयार हम भी।’ 

इसी तैयारी के तहत कश्मीर में पिछले 12 दिनों से राह चलते नागरिको को रोक कर तलाशी लेने से लेकर इमारतों पर शार्प शूटरो को तैनात करने की कवायद भी आरंभ हो चुकी है। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकी हमला
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