bcci refusal for day night test controversies and issues | डे-नाइट टेस्ट पर बीसीसीआई का रोड़ा, बोर्ड की देर से जागने की ये आदत पुरानी है!
BCCI

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से आयोजित अवॉर्ड समारोह में केविन पीटरसन ने डे-नाइट टेस्ट मैच की वकालत कर फिर से वो बहस छेड़ दी है जो शायद भारतीय बोर्ड को अच्छा न लगे। दरअसल, 2007 में आईसीसी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की भद्द पिटने के बाद जब पहले टी20 वर्ल्ड कप की सुगबुगाहट शुरू हुई तब भी बीसीसीआई का यही रवैया था जो आज डे-नाइट टेस्ट पर है। 

कई दिग्गज खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड में जाने को तैयार नहीं थे और बोर्ड तो दो साल पहले से इसका विरोध कर रहा था। आईसीसी की बैठक 2006 में जब पहले टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन को लेकर हुई तब बीसीसीआई सचिव निरंजन शाह ने उसमें हिस्सा लिया था। ये रिकॉर्ड पर है कि बीसीसीआई ने तब अपनी नाराजगी जताई थी। शाह ने मीटिंग में कहा, 'टी20? दस या 20 या एक-एक ओवर का क्यों नहीं। भारत कभी टी20 नहीं खेलेगा।'

बोर्ड को तब वर्ल्ड कप आयोजन को लेकर आईसीसी की मीटिंग में हुई बैठक में 10-1 से हार का सामना करना पड़ा था। जाहिर है कि बीसीसीआई के दिग्गज उस समय अंदाजा भी नहीं लगा पाए थे कि वे किस चीज का विरोध कर रहे हैं। अब आज की तस्वीर देखिए, बीसीसीआई को यही टी20 इतना भा गया कि आज उसके जरिए बोर्ड करोड़े रुपये कमा रही है।

टी20 ही क्यों, कई और उदाहरण हैं जो दिखाते हैं कि कई मसलों पर बीसीसीआई ने जो रोक लगाए, वापस उसी को उसे मानना भी पड़ा। डीआरएस का ही उदाहरण ले लीजिए। सभी टीमें इसके लिए तैयार होती गई लेकिन बीसीसीआई  काफी लंबे समय तक इसका विरोध करता रहा। और अब बीसीसीआई इसे आईपीएल में भी ले आई। 

यही हाल अब डे-नाइट टेस्ट का है। दुनिया में आज टेस्ट खेलने वाले देशों की बात करें तो केवल भारत और बांग्लादेश की टीमें ही ऐसी हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पिंक गेंद से टेस्ट मैच नहीं खेली है। अब अगर अफगानिस्तान और आयरलैंड को जोड़ दें तो डे-नाइट टेस्ट नहीं खेलने वाली कुल चार टीमें हो जाएंगी। बीसीसीआई आज भले ही आज दुनिया में सबसे ज्यादा पैसे वाला क्रिकेट बोर्ड बन चुका है लेकिन प्रयोग के तौर पर हम अब भी पीछे हैं। क्या ये उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि बीसीसीआई टेस्ट क्रिकेट के प्रति अपना सम्मान दिखाता है को खुले दिल से उसके लिए हो रहे प्रयोगों का भी स्वागत करे?

पिछले कुछ महीनों में जब भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर तमाम चर्चाएं हो रही थी तब एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट को लेकर बीसीसीआई ने काफी विरोध जताया था। चलिए, ये मान सकते हैं कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जीत का दबाव बीसीसीआई को बहुत ज्यादा प्रयोग से रोक रहा होगा लेकिन भारत दौरे पर आने वाली टीमों के साथ ये प्रयोग तो किया ही जा सकता है।

साल के आखिर में वेस्टइंडीज की टीम दौरा करने वाली है। बीसीसीआई ने संकेत दिए हैं कि इस सीरीज में डे-नाइट टेस्ट के प्रयोग को लेकर वह तैयार है। पर हां-ना की स्थिति अब भी बनी हुई है। उम्मीद करनी चाहिए कि कम से कम इस बार बोर्ड भारतीय फैंस को निराश नहीं करेगा।


Web Title: bcci refusal for day night test controversies and issues
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