वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार ने भारत माता के सिर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं. कश्मीर को भारत का मस्तक माना जाता है यह ठीक है, लेकिन लद्दाख को उससे अलग करना उसके टुकड़े-टुकड़े करना कैसे हो गया? ...
गृह मंत्नी अमित शाह ने सरदार पटेल और श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मनोकामना को आज पूरा किया है. पिछले एक माह में मैं तीन-चार बार लिख चुका हूं कि कश्मीर में 70 साल से चल रहे ढोंग को खत्म किया जाए. अब धारा 370 और 35 ए के खत्म होने पर कश्मीर सच्चे अर्थो में आ ...
मध्य प्रदेश की सरकार एक ऐसा काम कर रही है, जिसका अनुकरण देश की सभी सरकारों को करना चाहिए और केंद्रीय सरकार को इस मामले में विशेष पहल करनी चाहिए. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्नी कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने मिलावटखोरों की ऐसी-तैसी कर दी है. ...
यदि किसी घर में 201 यूनिट से 400 यूनिट तक बिजली खर्च होती है तो उसे आधा बिल ही चुकाना होगा. इस नई रियायत का सीधा फायदा दिल्ली के लगभग 60 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा. प्रत्येक घर और दुकान को 600 रु. से 1000 रु. तक हर महीने बचत होगी. ...
हमारी राजनीतिक पार्टियों के नैतिक दिवालियेपन का साक्षात प्रतीक है- कुलदीप सेंगर! अदालत ने सरकार के कान तो खींच दिए हैं लेकिन यह समझ में नहीं आता कि हमारी जनता का चरित्र कैसा है ? ऐसे अपराधी चरित्र के नरपशुओं को चुनकर वह विधानसभा और संसद में कैसे भेजत ...
इस समय कर्नाटक विधानसभा में 221 सदस्य हैं, एक अध्यक्ष और तीन निष्कासितों के अलावा. यानी येदियुरप्पा को अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए कम से कम 111 विधायक चाहिए, लेकिन उनके पास सिर्फ 106 हैं. 14 विधायक अभी अधर में लटके हुए हैं. ...
विशेषज्ञों से राय ली जाती है. इसमें शक नहीं है कि इस प्रक्रिया से गुजरते तो 30 दिन में 20 तो क्या, शायद 5-7 कानून ही पास होते, लेकिन उन कानूनों में खामियों की गुंजाइश कम से कम रहती. ...