वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
भाजपा की सरकार अपने मन ही मन खुश हो सकती है कि उसने देश के हिंदुओं की मुराद पूरी कर दी लेकिन मैं पूछता हूं कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का कर्तव्य क्या है? उसका काम वही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते-कहते नहीं थकते यानी सबका साथ, सबका विश्वास! ...
देश की जातीय-व्यवस्था में परिवर्तन तभी होगा जबकि प्रति वर्ष लाखों शादियां अंतरजातीय हों. लेकिन इस मामले में हमारे नेता बिल्कुल अकर्मण्य हैं. जो उन्हें करना चाहिए, वह वे बिल्कुल नहीं करते. सबसे पहले नौकरियों से जातीय आरक्षण खत्म करना चाहिए. दूसरा, जात ...
यूरोपीय संघ और ग्रेट ब्रिटेन का 31 जनवरी को औपचारिक संबंध-विच्छेद हो गया. इस प्रक्रिया में दो ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों- डेविड कैमरन और थेरेसा मे को इस्तीफा भी देना पड़ा लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्नी बोरिस जॉनसन को इस ऐतिहासिक कदम का श्रेय मिलेगा कि उन्हो ...
यह सत्र तय करेगा कि मोदी की सरकार अगले पांच साल कैसे चलेगी? देश में मचे हुए हंगामे को वह रोक पाएगी या नहीं. यह हंगामा और इसके साथ गिरती हुई आर्थिक हालत अगले छह माह में इस जबर्दस्त राष्ट्रवादी सरकार को परेशान कर देगी. भाजपा और संघ में जो गंभीर और दूर ...
कोलकाता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में धनखड़ को मंच तक नहीं जाने दिया गया और केरल के विधायकों ने आरिफ खान के साथ जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की, क्या इस अभद्र आचरण को सारा देश नहीं देख रहा है? ...
गृहमंत्री अमित शाह और कुछ अन्य भाजपा नेता ‘शाहीन बाग’ को पाकिस्तान कह रहे हैं. ऐसी बातें क्या इसलिए की जा रही हैं कि हिंदू-मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हो जाए? क्या अब भाजपा का आखिरी सहारा पाकिस्तान और मुसलमान ही बचे हैं? क्या वे ही अब एकमात्र ब्रह्मास ...