वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
चीन, रूस, पाकिस्तान और मध्य एशिया के चार गणतंत्रों के नेता अपनी दूरस्थ बैठक में अपना-अपना राग अलापते रहे और कोई परस्पर लाभदायक बड़ा फैसला करने की बजाय नाम लिए बिना एक-दूसरे की टांग खींचते रहे. ...
भारत के लोगों में मोदी-प्रशासन के प्रति अभी तक भरोसा बना हुआ है. लोगों ने नोटबंदी की विभीषिका, जीएसटी के कुलांचे, कोरोना की महामारी और बेरोजगारी आदि कई समस्याओं का सामना किया लेकिन इसके बावजूद मोदी-सरकार के प्रति उनका विश्वास डिगा नहीं. ...
दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था लंगड़ाने लगी. लगभग दो करोड़ लोग बेरोजगार हो गए. बेरोजगारों को अपने पक्ष में करने के लिए ट्रम्प ने बहुत-सा द्राविड़-प्राणायाम किया लेकिन वह भी उनको जिता नहीं पाया. ...
ट्रम्प को वोट दिया है, वे लोग कौन हैं? जाहिर है कि वे रिपब्लिकन पार्टी के लोग तो हैं ही, उनके अलावा वे लोग भी हैं, जो रंगभेद में विश्वास करते हैं, जो गौरांग लोग अपने आप को असली अमेरिकी समझते हैं, जो अमेरिका को संसार के सबसे बड़े दादा के रूप में देखना ...
US Election Results 2020: अमेरिका में अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इस पर पूरी दुनिया की निगाह है. भारत भी इसमें एक है. भारत के लिए अच्छी बात ये है कि राष्ट्रपति भले ही जो बाइडेन बनें या डोनाल्ड ट्रंप, उसे ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. ...
मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के बीच कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग जारी है. ऐसे में चुनाव आयोग के पास भी कई शिकायतें पहुंच रही हैं. कमलनाथ के मामले में जो हुआ उससे सवाल उठते हैं कि चुनाव आयोग को क्या इतनी सख्ती बरतनी चाहिए, जितनी वह बरत रह ...
जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधित पुराने 12 कानून निरस्त कर दिए गए हैं. अब जैसे कश्मीरी नागरिक भारत में कहीं भी जमीन खरीद-बेच सकता है, लगभग वैसा ही अब किसी अन्य प्रांत का नागरिक कश्मीर में कर सकता है. ...
मोहन भागवत ने कोरोना महामारी, कृषक नीति, शिक्षा नीति और पड़ोसी नीति आदि पर भी अपने विचार प्रकट किए. शिक्षा नीति पर बोलते हुए यदि वे राज-काज, भर्ती और रोजगार से अंग्रेजी को हटाने की बात करते तो बेहतर होता. ...