भारत अमृत काल का संकल्प ले रहा है और एक सशक्त और समर्थ भारत बनाने की चेष्टा हो रही है. यह नया भारत अपनी संस्कृति और ज्ञान परम्परा को नए सिरे पहचानने की कोशिश कर रहा है. ...
यूरोपियन कमीशन, अमेरिकी सरकार और संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं और व्यवस्थाओं द्वारा जन-विज्ञान की पहल को अब विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है. ...
भारत के मानस का वि-उपनिवेशीकरण शिक्षा में भारतीय दृष्टि की विवेकपूर्ण संगति के सिवाय कोई और मार्ग नहीं है. भारत की शिक्षा को भारतीय दृष्टि में स्थापित करने का परिणाम भारत और विश्व दोनों के ही हित में होगा. ...
आज शिक्षा केंद्र से बाहर की दुनिया गुरु-शिष्य की भावनाओं और प्रेरणाओं को प्रदूषित कर रही है. अध्यापक परीक्षा-गुरु हो रहा है, वित्त की इच्छा प्रबल होती जा रही है और नैतिक मूल्य अप्रासंगिक. गुरु को भी समाज में अब पहले जैसा आदर नहीं मिलता. शिक्षा की गु ...
International Yoga Day 2025: बदलाव या अभिवृद्धि न हो तो ज्ञान या कर्म किसी स्तर पर विकास या प्रगति की कोई संभावना नहीं बनेगी. यह तो मृत होने की स्थिति है. ...